राजस्थान के पाली जिले में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए रोहट ब्लॉक मुख्य चिकित्सा अधिकारी (BCMO) कार्यालय के एक संविदाकर्मी को 20 हजार रुपए की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। कार्रवाई के दौरान मामले में BCMO डॉ. हार्दिक राजपुरोहित की भूमिका भी सामने आई है, जिसके बाद वे मौके से फरार हो गए। एसीबी उनकी तलाश में जुटी हुई है।

एसीबी के महानिदेशक गोविंद गुप्ता ने बताया कि परिवादी ने शिकायत दर्ज करवाई थी कि BCMO कार्यालय में टेंडर पर संचालित उसकी गाड़ी को निरंतर चालू रखने और अप्रैल से जून तक के बकाया बिलों को पास करने के बदले 20 हजार रुपए की रिश्वत मांगी जा रही है।

शिकायत मिलने के बाद एसीबी रेंज जोधपुर के उप महानिरीक्षक नारायण टोगस के निर्देशन में पाली द्वितीय इकाई ने शिकायत का सत्यापन कराया। रिश्वत मांगने की पुष्टि होने पर रविवार को ट्रैप कार्रवाई को अंजाम दिया गया।

कार्रवाई के दौरान लेखा सहायक (संविदाकर्मी) देवकीनंदन शर्मा को 20 हजार रुपए की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया गया। आरोपी ने रिश्वत की रकम BCMO कार्यालय की नई इमारत के प्रथम तल पर रखी लकड़ी की दराज में छिपा दी थी, जिसे एसीबी टीम ने बरामद कर लिया।

जांच के दौरान BCMO डॉ. हार्दिक राजपुरोहित की संलिप्तता भी सामने आई। एसीबी की टीम ने उनके आवास पर तलाशी अभियान चलाया, लेकिन कार्रवाई की सूचना मिलते ही वे फरार हो गए। उनकी गिरफ्तारी के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।

एसीबी की अतिरिक्त महानिदेशक स्मिता श्रीवास्तव और महानिरीक्षक एस. परिमला के सुपरविजन में मामले की जांच जारी है। गिरफ्तार आरोपी से पूछताछ की जा रही है और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत प्रकरण दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जा रही है।

भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो ने आमजन से अपील की है कि यदि कोई भी सरकारी अधिकारी या कर्मचारी किसी वैध कार्य के बदले रिश्वत की मांग करता है, तो इसकी सूचना तत्काल एसीबी की टोल-फ्री हेल्पलाइन 1064 या व्हाट्सएप हेल्पलाइन 9413502834 पर दी जा सकती है।