राजस्थान के बालोतरा जिले में अवैध मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ पुलिस ने बड़ी सफलता हासिल की है। ऑपरेशन विषभंजन के तहत कार्रवाई करते हुए पुलिस ने धोरीमन्ना क्षेत्र से करीब 2 किलो 200 ग्राम एमडी (मेफेड्रोन) बरामद की है। इसकी अनुमानित बाजार कीमत 2.20 करोड़ रुपये बताई जा रही है। इस मामले में पुलिस ने पिता और बेटे को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से मादक पदार्थों की तस्करी से अर्जित 1.25 लाख रुपये नकद भी बरामद किए गए हैं।
ऑपरेशन विषभंजन के तहत हुई कार्रवाई
जिला पुलिस अधीक्षक रमेश ने बताया कि पुलिस मुख्यालय के निर्देश पर जिले में मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ विशेष अभियान ऑपरेशन विषभंजन चलाया जा रहा है। अभियान के तहत अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक हरफूल सिंह और डीएसपी सुखराम विश्नोई के सुपरविजन में जिला स्पेशल टीम (डीएसटी) तथा धोरीमन्ना थाना पुलिस की संयुक्त टीम का गठन किया गया।
गोपनीय सूचना के आधार पर बनी रणनीति
पुलिस को धोरीमन्ना क्षेत्र में लंबे समय से ड्रग्स तस्करी की शिकायतें मिल रही थीं। इसके बाद टीम ने गोपनीय तरीके से सूचना जुटाई और संदिग्ध गतिविधियों पर लगातार निगरानी रखी। पारंपरिक पुलिसिंग के साथ तकनीकी संसाधनों का भी उपयोग किया गया, जिससे आरोपियों की गतिविधियों की पुष्टि हुई।
4 किलोमीटर पैदल चलकर दी दबिश
आरोपियों का ठिकाना आबादी से दूर रेतीले धोरों के बीच बनी एक ढाणी में था, जहां वाहन से पहुंचना संभव नहीं था। ऐसे में पुलिस टीम ने करीब 4 किलोमीटर तक पैदल चलकर चारों ओर से घेराबंदी की और योजनाबद्ध तरीके से दबिश दी।
पिता-पुत्र के घर से करोड़ों की एमडी बरामद
दबिश के दौरान पुलिस ने चैनाराम पुत्र रामचंद्र और उसके बेटे हनुमानराम, निवासी मायलों की बेरी खारी, धोरीमन्ना के घर की तलाशी ली। तलाशी के दौरान कमरे में छिपाकर रखी गई 2.20 किलो एमडी और 1.25 लाख रुपये नकद बरामद किए गए। पुलिस ने दोनों आरोपियों को मौके से गिरफ्तार कर उनके खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज किया है।
आबादी से दूर ढाणी को बनाया था सुरक्षित अड्डा
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपी आबादी से दूर स्थित ढाणी का उपयोग अवैध मादक पदार्थ छिपाने और तस्करी के संचालन के लिए करते थे। पुलिस के अनुसार, यहां से एमडी को अलग-अलग स्थानों पर सप्लाई कर अवैध कमाई की जा रही थी।
फिलहाल पुलिस दोनों आरोपियों से पूछताछ कर रही है। जांच में यह पता लगाया जा रहा है कि एमडी की खेप कहां से लाई गई थी और इसे किन-किन जिलों या राज्यों में सप्लाई किया जाना था। साथ ही इस पूरे नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भी तलाश की जा रही है।