राजस्थान के कोटा जिले में दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर रविवार रात एक भीषण सड़क हादसे में 4 साल के मासूम समेत दो लोगों की मौत हो गई, जबकि तीन अन्य घायल हो गए। हादसा इतना भयावह था कि कार के परखच्चे उड़ गए और वाहन करीब 15 फीट नीचे बने नाले में जा गिरा।
सुल्तानपुर थाना क्षेत्र में हुए इस हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। स्थानीय ग्रामीणों, पुलिस और रेस्क्यू टीम की मदद से घायलों को बाहर निकालकर अस्पताल पहुंचाया गया।
कोटा लौटते समय हुआ हादसा
सुल्तानपुर थानाधिकारी दौलत साहू के अनुसार, पार्श्वनाथ कॉलोनी निवासी नंदेश कुमार दाधीच अपने पिता बांकेबिहारी दाधीच, माता कमलेश बाई और मित्र विजय कुमार शर्मा के साथ इंद्रगढ़ से कोटा लौट रहे थे।
कार में विजय शर्मा का 4 वर्षीय बेटा शौर्य शर्मा भी सवार था। रात करीब 8 बजे मेहंदी माइनर के पास कार अचानक अनियंत्रित हो गई और डिवाइडर के बीच बने खाली हिस्से से होते हुए विपरीत दिशा में घूमकर नीचे नाले में जा गिरी।
मासूम की मौके पर मौत, बुजुर्ग ने अस्पताल में तोड़ा दम
हादसे में 4 वर्षीय शौर्य शर्मा की मौके पर ही मौत हो गई। वहीं गंभीर रूप से घायल 65 वर्षीय बांकेबिहारी दाधीच ने अस्पताल में उपचार के दौरान दम तोड़ दिया।
घटना में तीन अन्य लोग घायल हुए हैं, जिनका निजी अस्पताल में इलाज जारी है।
धमाके जैसी आवाज सुन दौड़े ग्रामीण
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार हादसे के समय जोरदार धमाके जैसी आवाज सुनाई दी, जिसके बाद आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंचे। सूचना मिलने पर एक्सप्रेसवे की रेस्क्यू टीम, 108 एम्बुलेंस और पुलिस मौके पर पहुंची।
ग्रामीणों और पुलिस की मदद से कार में फंसे लोगों को बाहर निकाला गया और तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया।
एक्सप्रेसवे की गुणवत्ता पर उठे सवाल
हादसे के बाद स्थानीय ग्रामीणों ने दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे की गुणवत्ता और सड़क के अलाइनमेंट पर सवाल उठाए हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि जालिमपुरा से कराड़िया तक कई स्थानों पर सड़क ऊंची-नीची है और अलाइनमेंट में खामियां हैं, जिससे वाहन असंतुलित हो रहे हैं और दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ रहा है।
फिलहाल पुलिस ने दोनों मृतकों के शव पोस्टमॉर्टम के लिए मोर्चरी में रखवाए हैं और हादसे के कारणों की जांच शुरू कर दी है।