राजस्थान के नागौर जिले में नशे के अवैध सिंडिकेट के खिलाफ पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। शहर में चल रही 100 करोड़ रुपये की कथित एमडी (MD) ड्रग फैक्ट्री के मामले में पुलिस ने नागौर सेंट्रल कोऑपरेटिव बैंक के सीनियर मैनेजर को गिरफ्तार कर लिया है। इस पूरे मामले में मुख्य आरोपी (नौसेना के भगोड़े फौजी) सहित अब तक कुल छह आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है।

ससुर की जान-पहचान पर दिया था मकान

नागौर के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (ASP) आसाराम चौधरी के अनुसार, मुख्य आरोपी महावीर ने जोधपुर रोड पर ड्रग फैक्ट्री संचालित करने के लिए मकान किराए पर लिया था। यह मकान सेंट्रल कोऑपरेटिव बैंक के सीनियर मैनेजर राजीव कुमार भाटी का है। महावीर के ससुर और बैंक मैनेजर की पुरानी जान-पहचान थी, जिसके चलते बिना किसी औपचारिक लिखा-पढ़ी के मकान किराए पर दे दिया गया। पुलिस का कहना है कि राजीव भाटी को मकान में अवैध एमडी फैक्ट्री चलने की पूरी जानकारी थी।

20 करोड़ से शुरू हुई जांच 100 करोड़ तक पहुंची

नशे के खिलाफ जारी अभियान के तहत पुलिस ने सबसे पहले दीप रोड स्थित एक मकान पर छापा मारकर करीब 20 करोड़ रुपये की एमडी पकड़ी थी। वहां से मुख्य आरोपी महावीर को गिरफ्तार किया गया, जिसे कुछ महीने पहले नौसेना से भगोड़ा घोषित किया गया था। महावीर से रिमांड के दौरान सख्ती से पूछताछ की गई, जिसके बाद जोधपुर रोड स्थित दूसरे मकान का सुराग मिला। वहां से पुलिस ने 100 करोड़ रुपये कीमत की 5 किलो एमडी ड्रग्स बरामद की।

थार गाड़ी जब्त, पूरा नेटवर्क खंगाल रही पुलिस

पुलिस ने कुचेरा थाना क्षेत्र के रूण गांव निवासी जितेंद्र को भी इस नेटवर्क से जुड़े होने के आरोप में गिरफ्तार किया है। इसके अलावा मुख्य आरोपी महावीर की थार गाड़ी जब्त कर ली गई है। प्राथमिक जांच में सामने आया है कि आरोपी ने फैक्ट्री से जुड़े लोगों के बीच मुनाफे का हिस्सा पहले से तय कर रखा था। पुलिस अब इस ड्रग सिंडिकेट की कड़ियां जोड़ने और पूरे सप्लाई चेन सिस्टम की गहन जांच में जुटी है।