राजस्थान के टोंक शहर में नगर परिषद के ठेकेदार और व्यापारी पवन गर्ग की हत्या का सनसनीखेज मामला सामने आया है। 55 वर्षीय पवन गर्ग का शव उनकी ही दुकान की पहली मंजिल पर खून से लथपथ हालत में मिला। घटना के बाद क्षेत्र में सनसनी फैल गई। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

जानकारी के अनुसार पवन गर्ग सवाई माधोपुर रोड स्थित पार्क प्लाजा में रहते थे और बड़ा कुआं के पास मोतीबाग रोड पर ‘बृज इलेक्ट्रिक’ नाम से उनकी दुकान संचालित थी। शुक्रवार रात वे घर नहीं लौटे, जिसके बाद परिजनों को चिंता हुई।

परिजनों के मुताबिक देर रात जब पवन गर्ग घर नहीं पहुंचे तो उनकी पत्नी ने दुकान में काम करने वाले कर्मचारी को फोन किया। कर्मचारी ने बताया कि वह पहले ही घर जा चुका है और पवन गर्ग दुकान पर ही रुके हुए थे। इसके बाद उसे दोबारा दुकान भेजा गया, जहां पहली मंजिल पर पवन गर्ग का शव पड़ा मिला।

मामले की सूचना मिलते ही कोतवाली थाना पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण किया। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम की प्रक्रिया शुरू कर दी है।

मृतक के भाई गोपाल गर्ग ने बताया कि पवन गर्ग के सिर के आगे और पीछे चाकू से कई वार किए गए थे। शरीर के अन्य हिस्सों पर भी चोटों के निशान मिले हैं। उन्होंने घटना को बेहद क्रूर बताते हुए कहा कि हत्या को अंजाम देने वाले ने बेरहमी की सारी हदें पार कर दीं।

परिजनों ने हत्या के पीछे पैसों के लेनदेन को संभावित कारण बताया है। मृतक के बड़े भाई मुकेश गर्ग का कहना है कि आर्थिक लेनदेन को लेकर विवाद की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता। हालांकि पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच कर रही है।

पवन गर्ग अपने पीछे पत्नी, एक बेटा और एक बेटी छोड़ गए हैं। उनका बेटा बेंगलुरु में एक निजी कंपनी में इंजीनियर है, जबकि बेटी कॉलेज में अध्ययनरत है।

परिजनों ने बताया कि 27 मई को पवन गर्ग और उनकी पत्नी ने अपनी शादी की 25वीं सालगिरह परिवार के साथ मनाई थी। एक महीने भी नहीं बीता था कि परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा।

कोतवाली थाना पुलिस ने परिजनों की शिकायत पर हत्या का मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है और संदिग्धों की तलाश में जुटी हुई है। मामले की जांच जारी है।