जयपुर खोह नागोरियान इलाके में 9 जून की सुबह हुए भीषण अग्निकांड में 8 लोगों की मौत के मामले में पुलिस जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, वैसे-वैसे चौंकाने वाले खुलासे सामने आ रहे हैं। इस हादसे के बाद अब पूरे इलाके में अवैध पटाखा फैक्ट्रियों के बड़े नेटवर्क का पर्दाफाश हुआ है।

शनिवार को इस मामले में तीन मुख्य आरोपियों फिरोज, वसीम और अकील की तस्वीरें भी सामने आई हैं। पुलिस के अनुसार फिरोज इस पूरे अवैध कारोबार का मुख्य साजिशकर्ता और फैक्ट्री संचालक है, जबकि वसीम और अकील भी इस नेटवर्क से जुड़े हुए हैं। तीनों आरोपियों की तलाश में पुलिस लगातार दबिश दे रही है।

पुलिस जांच में सामने आया है कि वसीम और अकील इलाके में दो अन्य अवैध फैक्ट्रियां भी चला रहे थे, जहां बड़े पैमाने पर बारूद का भंडारण और पटाखों का निर्माण किया जा रहा था। इस पूरे नेटवर्क की जांच अब पुलिस और अन्य जांच एजेंसियां कर रही हैं।

खोह नागोरियान थाना प्रभारी प्रकाश विश्नोई ने बताया कि इस मामले में अलग-अलग धाराओं में दो मुकदमे दर्ज किए गए हैं। इससे पहले याकूब और कय्यूम को भगाने में मदद करने वाले सलमान कुरैशी को गिरफ्तार किया जा चुका है, जिससे पूछताछ जारी है। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दी जा रही है और इलाके में सर्च ऑपरेशन जारी रहेगा।

जांच में यह भी सामने आया है कि दिल्ली निवासी आलम खान इस अवैध फैक्ट्री नेटवर्क का मैनेजर था। वह अपने साथी आसिफ कुरैशी के साथ मिलकर पूरे संचालन की जिम्मेदारी संभालता था। आरोप है कि ये लोग कम मजदूरी का लालच देकर 15-16 वर्ष के नाबालिग बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों से बारूद के बीच काम करवाते थे, जिससे उनकी जान को गंभीर खतरा बना रहता था।

सूत्रों के अनुसार खोह नागोरियान क्षेत्र में चल रही इन अवैध फैक्ट्रियों में 150 से अधिक लोग काम कर रहे थे। इतना ही नहीं, पटाखों की लेबलिंग और पैकिंग का काम केवल फैक्ट्रियों तक सीमित नहीं था, बल्कि आसपास के कई घरों में भी यह कार्य कराया जा रहा था। इससे पूरा इलाका एक तरह से अवैध बारूद के जाल में बदल गया था।

पुलिस ने जावेद नगर स्थित मकान नंबर 28 और 277 पर छापेमारी कर भारी मात्रा में बारूद, तैयार पटाखे और निर्माण में उपयोग होने वाले उपकरण बरामद किए हैं। इस मामले में फिरोज, याकूब, कय्यूम, आदिल और अन्य के खिलाफ भी नया मामला दर्ज किया गया है।

पुलिस का कहना है कि फिरोज ने जिस मकान में यह अवैध फैक्ट्री चलाई थी, वह याकूब और कय्यूम से किराए पर लिया गया था और यह सभी इस काले कारोबार में साझेदार थे।

इस दर्दनाक हादसे के बाद स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश है। लोगों का कहना है कि अगर समय रहते कार्रवाई की जाती, तो 8 लोगों की जान बचाई जा सकती थी। अब क्षेत्रवासी सभी आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी और सख्त सजा की मांग कर रहे हैं।