जयपुर। राजस्थान में स्कूल व्याख्याता भर्ती परीक्षा-2022 के पेपर लीक मामले में स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (SOG) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए विनोद कुमार जाट उर्फ विनोद रेवाड़ (45) को गिरफ्तार किया है। आरोपी पर आरोप है कि उसने करीब 50 लाख रुपए में लीक प्रश्नपत्र खरीदकर अभ्यर्थियों को मोटी रकम लेकर पढ़ाया और सरकारी नौकरी दिलाने का काम किया। SOG ने उसे गुरुवार को चौमूं के बराला हॉस्पिटल के पास से गिरफ्तार किया। अदालत ने आरोपी को 20 जुलाई तक पुलिस रिमांड पर भेज दिया है।

SOG के एडीजी विशाल बंसल ने बताया कि जांच में सामने आया है कि पेपर लीक गिरोह के सरगना अनिल कुमार मीणा उर्फ शेर सिंह ने तत्कालीन RPSC सदस्य बाबूलाल कटारा से करीब 60 लाख रुपए में प्रश्नपत्र हासिल किए थे। इसके बाद कृषि विज्ञान, अर्थशास्त्र, भूगोल और शारीरिक शिक्षा विषयों के सॉल्व प्रश्नपत्र परीक्षा से पहले चुनिंदा अभ्यर्थियों तक पहुंचाए गए।

50 लाख में खरीदा पेपर, 7 लाख लेकर कराया चयन

जांच के अनुसार विनोद रेवाड़ ने चार विषयों के सॉल्व प्रश्नपत्र करीब 50 लाख रुपए में खरीदे थे। इसके बाद उसने कृषि विज्ञान विषय के अभ्यर्थी अशोक कुमार यादव से 7 लाख रुपए लेकर उसे परीक्षा से पहले लीक प्रश्नपत्र पढ़ाया। परीक्षा में चयन होने के बाद अशोक कुमार यादव की नियुक्ति सीकर जिले के श्रीमाधोपुर स्थित राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय, देवराला में स्कूल व्याख्याता (कृषि विज्ञान) के पद पर हुई थी।

वरिष्ठ अध्यापक भर्ती में भी करोड़ों का खेल

SOG की जांच में यह भी सामने आया कि वरिष्ठ अध्यापक (माध्यमिक शिक्षा) भर्ती परीक्षा-2022 में विनोद रेवाड़ ने 29 अभ्यर्थियों से करीब 57 लाख रुपए वसूलकर उन्हें परीक्षा से पहले लीक प्रश्नपत्र उपलब्ध कराए और पढ़ाए। इस मामले में आरोपी अरुण शर्मा उर्फ राजेश शर्मा को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है।

सब-इंस्पेक्टर भर्ती पेपर लीक में भी था आरोपी

विनोद रेवाड़ का नाम उप निरीक्षक (SI) भर्ती परीक्षा पेपर लीक मामले में भी सामने आया था। इस मामले में उसकी गिरफ्तारी पर 50 हजार रुपए का इनाम घोषित था। जांच में पता चला था कि उसने आठ अभ्यर्थियों से करीब 10-10 लाख रुपए लेकर उन्हें लीक प्रश्नपत्र उपलब्ध कराया था। इस मामले में उसे वर्ष 2025 में ओडिशा से गिरफ्तार किया गया था।

हाईकोर्ट से नहीं मिली राहत

गिरफ्तारी से बचने के लिए विनोद रेवाड़ ने राजस्थान हाईकोर्ट, जोधपुर में याचिका दायर कर गिरफ्तारी पर रोक की मांग की थी। हालांकि 13 जुलाई 2026 को हाईकोर्ट ने उसकी याचिका खारिज कर दी। इसके बाद SOG की विशेष टीम ने 16 जुलाई को चौमूं से उसे गिरफ्तार कर लिया।

20 जुलाई तक पुलिस रिमांड

गिरफ्तारी के बाद आरोपी को अदालत में पेश किया गया, जहां से उसे 20 जुलाई तक पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया। SOG अब उससे पेपर लीक नेटवर्क, अन्य सहयोगियों, अवैध लेनदेन और भर्ती परीक्षाओं में हुई धांधली से जुड़े अन्य पहलुओं पर पूछताछ कर रही है।

आरोपी की पहचान विनोद कुमार जाट उर्फ विनोद रेवाड़ (45) निवासी पापड़िया की ढाणी, पोस्ट डूंगर कलां, थाना रेनवाल, जिला जयपुर ग्रामीण के रूप में हुई है। जांच एजेंसी का मानना है कि पूछताछ में पेपर लीक गिरोह से जुड़े कई और बड़े खुलासे हो सकते हैं।