मध्यप्रदेश के मुरैना जिले में रविवार शाम एक दर्दनाक रेल हादसे में बीकानेर की महिला सहित चार यात्रियों की मौत हो गई। बताया जा रहा है कि ट्रेन में मोबाइल ब्लास्ट और आग लगने की अफवाह फैलने के बाद यात्रियों में अफरा-तफरी मच गई। घबराहट में कई लोग ट्रेन से उतरकर रेलवे ट्रैक पर आ गए, जहां दूसरी ट्रेन की चपेट में आने से यह हादसा हो गया।

रेलवे अधिकारियों के अनुसार हादसा उत्तर मध्य रेलवे के झांसी मंडल के हेतमपुर-धौलपुर रेलखंड पर हुआ। खजुराहो-उदयपुर इंटरसिटी एक्सप्रेस (19665) रविवार शाम करीब 4:15 बजे चेन पुलिंग के कारण बीच रास्ते में रुक गई थी। इसी दौरान ट्रेन में आग लगने की अफवाह फैल गई और यात्री जल्दबाजी में नीचे उतरने लगे।

तीर्थ यात्रा पर गई थीं बीरमा देवी

बीकानेर जिले के घेसूरा गांव निवासी बीरमा देवी कुछ दिन पहले अपने पीहर रघुनाथपुरा गई थीं। वहां से वह रिश्तेदारों और अन्य महिलाओं के साथ तीर्थ यात्रा पर निकली थीं। यात्रा के दौरान मुरैना में हुए इस हादसे में उनकी जान चली गई।

परिजनों के अनुसार बीरमा देवी धार्मिक यात्रा के लिए बेहद उत्साहित थीं, लेकिन किसी ने नहीं सोचा था कि यह यात्रा उनकी आखिरी यात्रा साबित होगी।

अफवाह से मची भगदड़, दूसरी ट्रेन की चपेट में आए यात्री

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार ट्रेन में मोबाइल ब्लास्ट और आग लगने की चर्चा फैलते ही यात्रियों में भगदड़ मच गई। कई लोग अपनी जान बचाने के लिए ट्रेन से उतरकर ट्रैक पर पहुंच गए। इसी दौरान सामने से आ रही पातालकोट एक्सप्रेस की चपेट में आने से चार यात्रियों की मौके पर ही मौत हो गई।

पहले पति का निधन, अब बेटियां हुईं बेसहारा

ग्रामीणों के अनुसार बीरमा देवी के पति गिरधारी गुसाई का करीब 15 साल पहले सड़क दुर्घटना में निधन हो गया था। पति की मौत के बाद उन्होंने अकेले संघर्ष कर अपनी चार बेटियों का पालन-पोषण किया। उनका कोई बेटा नहीं है।

अब उनकी असामयिक मौत के बाद चारों बेटियां बेसहारा हो गई हैं। गांव के लोगों का कहना है कि बीरमा देवी ने विपरीत परिस्थितियों में भी परिवार को संभाला था और उनका निधन पूरे क्षेत्र के लिए दुखद है।

गांव में पसरा मातम

हादसे की खबर मिलते ही घेसूरा गांव और आसपास के इलाकों में शोक की लहर दौड़ गई। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। मृतका का शव सोमवार शाम तक गांव पहुंचने की संभावना है, जिसके बाद अंतिम संस्कार किया जाएगा।

गांव में बड़ी संख्या में लोग मृतका के घर पहुंचकर परिजनों को सांत्वना दे रहे हैं और श्रद्धांजलि अर्पित कर रहे हैं।