राजस्थान के जोधपुर जिले में गुरुवार रात एक बेहद दर्दनाक सड़क हादसा हो गया। रामदेवरा (जैसलमेर) दर्शन के लिए पैदल जा रहे तीन श्रद्धालुओं को एक तेज रफ्तार बोलेरो कैंपर ने बेरहमी से कुचल दिया। इस भीषण हादसे में चाचा-भतीजे सहित तीनों युवकों की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। घटना शेरगढ़ थाना क्षेत्र में शेरगढ़-फलोदी मेगा हाईवे पर भूंगरा के पास रात करीब 11:30 बजे की है।
50 फीट पीछे चल रहे साथियों ने आंखों के सामने देखी मौत
हादसे का शिकार हुए युवकों के साथ उनके दो अन्य साथी नरपत राम और उदाराम भी रामदेवरा जा रहे थे। नरपत राम ने बताया कि वे कुल 5 लोग रात 10 बजे तेना-नाथासर गांव से निकले थे। नरपत और उदाराम मृतकों से करीब 50 फीट पीछे चल रहे थे। तभी अचानक एक बेकाबू बोलेरो आई और आगे चल रहे तीनों युवकों को अपनी चपेट में ले लिया। पीछे होने के कारण दोनों साथियों की जान बाल-बाल बच गई।
मृतकों में चाचा-भतीजा और पड़ोसी शामिल
शेरगढ़ थानाधिकारी खेताराम सियोल ने बताया कि मृतकों की पहचान नरेश (25), अंबाराम (29) और भानाराम (25) के रूप में हुई है। ये सभी तेना-नाथासर गांव के रहने वाले थे। अंबाराम और नरेश रिश्ते में चाचा-भतीजे थे, जबकि भानाराम उनका पड़ोसी था। तीनों ही युवक मजदूरी कर अपने परिवार का पेट पालते थे।
50 लाख का मुआवजा और नौकरी की मांग पर अड़े परिजन
हादसे के बाद स्थानीय निवासी बिशन सिंह की मदद से तीनों को शेरगढ़ अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। शुक्रवार को परिजनों ने शव लेने से इनकार कर दिया और शेरगढ़ थाने के बाहर धरने पर बैठ गए। ग्रामीणों और परिजनों ने एसडीएम विक्रांत शर्मा को ज्ञापन सौंपकर मृतकों के परिवारों को 50-50 लाख रुपये का मुआवजा और परिवार के एक सदस्य को संविदा पर सरकारी नौकरी देने की मांग की है।
ड्राइवर हिरासत में, गाड़ी जब्त
पुलिस ने इस मामले में तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी ड्राइवर को हिरासत में (डिटेन) ले लिया है और टक्कर मारने वाली बोलेरो कैंपर को भी जब्त कर लिया गया है। फिलहाल शवों को शेरगढ़ अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया गया है और पुलिस प्रशासन परिजनों को समझाने के प्रयास में जुटा है।