बालोतरा जिले के समदड़ी थाना क्षेत्र से वन्यजीवों के शिकार का कथित मामला सामने आया है। सिलोर सरहद में दो हिरण मृत अवस्था में मिले हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि शिकारी ब्लैक कलर की थार में सवार होकर आए थे और हिरणों का शिकार करने के बाद मौके से फरार हो गए। ग्रामीणों का दावा है कि कुछ अन्य हिरणों को भी शिकारी अपने साथ ले गए। हालांकि, इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है।

दो मृत हिरण मिलने से मचा हड़कंप

सिलोर सरहद में दो हिरणों के मृत मिलने के बाद इलाके में हड़कंप मच गया। घटना की जानकारी सामने आने के बाद ग्रामीण और वन्यजीव प्रेमी मौके पर पहुंचे।

स्थानीय लोगों के मुताबिक, शिकारियों ने हिरणों का शिकार किया और दो मृत हिरणों को मौके पर ही छोड़कर फरार हो गए। ग्रामीणों का दावा है कि आरोपी ब्लैक कलर की थार में आए थे।

मामला सामने आने के बाद ग्रामीणों ने आशंका जताई है कि घटना सिर्फ दो हिरणों तक सीमित नहीं है। ग्रामीणों का दावा है कि इलाके में आधा दर्जन से ज्यादा हिरणों के शिकार की आशंका है।

कुछ हिरणों को शिकारियों द्वारा अपने साथ ले जाने का भी आरोप लगाया जा रहा है। हालांकि, कितने वन्यजीवों का शिकार हुआ और घटना में कितने लोग शामिल थे, इसकी पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।

वन्यजीव प्रेमी धरने पर बैठे

घटना से नाराज ग्रामीण और वन्यजीव प्रेमी धरने पर बैठ गए हैं। धरने पर बैठे लोगों की मांग है कि कथित शिकारियों को जल्द से जल्द गिरफ्तार किया जाए और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की जाए।

ग्रामीणों का कहना है कि क्षेत्र में पहले भी वन्यजीवों के शिकार की घटनाएं सामने आती रही हैं। ऐसे में उनका सवाल है कि आखिर शिकार की घटनाओं पर रोक कब लगेगी?

इस मामले में वन विभाग के रेंजर उमराव सिंह पर भी कुछ लोगों की ओर से मिलीभगत के आरोप लगाए जा रहे हैं। हालांकि, इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

ऐसे में पूरे मामले में जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा कि घटना के पीछे कौन लोग हैं और लगाए जा रहे आरोपों में कितनी सच्चाई है।

फिलहाल ग्रामीण और वन्यजीव प्रेमी अपनी मांगों को लेकर धरने पर बैठे हैं। उनकी मुख्य मांग है कि कथित शिकारियों को जल्द गिरफ्तार किया जाए और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच हो।

सिलोर सरहद में सामने आई इस घटना ने एक बार फिर वन्यजीवों की सुरक्षा और शिकार पर रोक लगाने की व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब देखना होगा कि पुलिस और वन विभाग इस मामले में क्या कार्रवाई करते हैं और जांच में क्या सामने आता है।