राजस्थान के जोधपुर में बुधवार शाम एक बड़ा हादसा हो गया। शहर के बासनी थाना क्षेत्र के गणेश नगर में स्थित एसआर केमिकल (हैंडीक्राफ्ट) फैक्ट्री में अचानक भीषण आग लग गई। आग पर काबू पाने की कोशिश कर रहे फायर ब्रिगेड के कर्मचारियों के सामने एक केमिकल ड्रम में जोरदार ब्लास्ट हो गया, जिसकी चपेट में आकर 14 दमकलकर्मी बुरी तरह झुलस गए हैं। इनमें से 4 की हालत बेहद नाजुक बनी हुई है।

आग बुझाते समय हुआ जोरदार धमाका

प्राप्त जानकारी के अनुसार, बुधवार शाम करीब 5:30 बजे इस बंद फैक्ट्री में आग भड़की थी। आग इतनी तेजी से फैली कि अंदर रखे केमिकल के ड्रमों में लगातार विस्फोट होने लगे। घटना की सूचना मिलते ही नगर निगम के चीफ फायर ऑफिसर जलज घसिया के निर्देशन में 10 दमकल गाड़ियां और 35 कर्मचारियों का दल मौके पर पहुंचा। जब टीम आग बुझाने का प्रयास कर रही थी, तभी थिनर और केमिकल से भरे एक ड्रम में अचानक बड़ा धमाका हुआ, जिसने आग बुझा रहे कर्मचारियों को अपनी चपेट में ले लिया।

बर्न यूनिट न होने से एम्स से महात्मा गांधी अस्पताल किया गया रेफर

हादसे के तुरंत बाद सभी घायल कर्मचारियों को एम्स (AIIMS) ले जाया गया। लेकिन वहां बर्न यूनिट की सुविधा उपलब्ध न होने के कारण, प्राथमिक उपचार देकर सभी को महात्मा गांधी अस्पताल रेफर कर दिया गया। घायलों में प्रवीण, दुर्गेश, प्रेम, प्रवीण कुमार, कुणाल, विनय पुरोहित, आसिफ खान, जोगाराम, प्रीतम, सुरेंद्र, प्रकाश, मो. हनीफ और अविनाश हर्ष शामिल हैं। डॉक्टरों ने 4 कर्मचारियों की गंभीर हालत को देखते हुए उनके लिए अलग से आईसीयू बनाया है और उन्हें वेंटिलेटर सपोर्ट पर रखा गया है।

रिहायशी इलाके में चल रही थी फैक्ट्री, खाली कराए गए मकान

यह ज्वलनशील केमिकल वाली फैक्ट्री गणेश नगर जैसे घने रिहायशी इलाके में संचालित हो रही थी। केमिकल के ड्रमों में हो रहे विस्फोट और आग की ऊंची लपटों को देखते हुए पुलिस और प्रशासन ने एहतियात के तौर पर आसपास के मकानों को तुरंत खाली करा लिया है। आग के कारण पड़ोस के घरों को भी नुकसान पहुंचने की आशंका जताई जा रही है।

अधिकारियों ने लिया जायजा, जांच शुरू

 हादसे की गंभीरता को देखते हुए जोधपुर कलेक्टर आलोक रंजन और पुलिस कमिश्नर अंशुमन भोमिया तुरंत महात्मा गांधी अस्पताल पहुंचे और डॉक्टरों से घायलों की स्थिति की जानकारी ली। पुलिस कमिश्नर अंशुमन भोमिया ने बताया कि हैंडीक्राफ्ट फैक्ट्री में भारी मात्रा में ज्वलनशील केमिकल और थिनर का इस्तेमाल हो रहा था। यह फैक्ट्री किसकी है और इतने घने इलाके में खतरनाक केमिकल को किस तरह स्टोर किया जा रहा था, इसकी गहन जांच शुरू कर दी गई है।

फिलहाल मौके पर कूलिंग का काम जारी है और पुलिस प्रशासन स्थिति पर नजर बनाए हुए है। घायलों के परिजनों का अस्पताल में रो-रोकर बुरा हाल है।