राजस्थान के दौसा जिले के मंडावर थाना क्षेत्र से एक बेहद सनसनीखेज और संदिग्ध मामला सामने आया है। पाखर चौडाकी गांव में शुक्रवार सुबह एक 23 वर्षीय युवक का शव उसके ही घर के भूसा रखने वाले कमरे (कड़बी के गोदाम) में मिलने से पूरे इलाके में हड़कंप मच गया। युवक रात को घर के चौक में सोया था, लेकिन सुबह उसकी लाश संदिग्ध परिस्थितियों में भूसे के बीच दबी मिली। घटना से गुस्साए ग्रामीणों और परिजनों ने हत्या का आरोप लगाते हुए शव को ट्रैक्टर-गाड़ियों में लादा और मंडावर थाने के बाहर पहुंचकर करीब 4 घंटे तक जोरदार प्रदर्शन किया।

चौक में सोया था बेटा, सुबह भूसे में लिपटा मिला शव

मृतक युवक के पिता पप्पू लाल मीणा ने बताया कि उनका 23 वर्षीय बेटा वीर बहादुर गुरुवार रात को रोजाना की तरह घर के चौक में चारपाई पर सोया था। शुक्रवार सुबह करीब 6:30 बजे जब पिता की नींद खुली, तो वीर बहादुर अपनी चारपाई पर नहीं था। पिता ने सोचा कि वह आसपास कहीं गया होगा, लेकिन काफी देर तक जब वह नहीं लौटा तो घर में तलाश शुरू की गई। जब पिता मवेशियों का भूसा रखने वाले कमरे में गए, तो वहां भूसे के ढेर के बीच वीर बहादुर का शव पड़ा हुआ था। युवक के गले पर चोट और घसीटे जाने के गहरे निशान थे, जिससे साफ तौर पर हत्या की आशंका जताई जा रही है। मृतक और उसका पिता दोनों ही मजदूरी का काम करते थे।

ट्रैक्टर में शव रखकर थाने पहुंचे ग्रामीण, 4 घंटे चला धरना

घटना की सूचना मिलते ही मंडावर थाना प्रभारी प्रवीन मीना पुलिस जाब्ते के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस जब शव को पोस्टमार्टम के लिए मंडावर अस्पताल की मॉर्च्युरी ले जाने लगी, तो ग्रामीण और परिजन भड़क गए। ग्रामीणों ने पुलिस को शव सौंपने से इनकार कर दिया और ट्रैक्टर-ट्रॉलियों व गाड़ियों में शव को लेकर सीधे मंडावर थाने के सामने पहुंच गए।

ग्रामीणों ने थाने के बाहर ही टेंट लगा दिया और आरोपियों की तुरंत गिरफ्तारी व मामले के त्वरित खुलासे की मांग को लेकर धरने पर बैठ गए। देखते ही देखते थाने के बाहर सैकड़ों लोगों की भीड़ जमा हो गई।

प्रशासनिक अमला मौके पर, विधायक के आश्वासन के बाद खुला जाम

स्थिति की गंभीरता को देखते हुए बेजुपाड़ा तहसीलदार संतोष गुप्ता, नायब तहसीलदार संग्राम सिंह गुर्जर और पुलिस उपाधीक्षक (CO) अनूप सिंह मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों से समझाइश की कोशिश की। लेकिन ग्रामीण अड़े रहे। इसके बाद महुआ विधायक राजेंद्र मीना भी धरना स्थल पर पहुंचे। विधायक ने परिजनों को ढांढस बंधाया और पुलिस अधिकारियों को कड़े निर्देश देते हुए ग्रामीणों को आश्वासन दिया कि 3 दिन के भीतर इस पूरे मामले का पर्दाफाश कर दिया जाएगा। विधायक के इस ठोस आश्वासन के बाद करीब 4 घंटे से चल रहा धरना समाप्त हुआ और परिजन शव का पोस्टमार्टम कराने के लिए राजी हुए।

अकेला रह गया लाचार पिता, पहले उजड़ चुका है परिवार

स्थानीय ग्रामीण नारायण गुर्जर ने बताया कि इस दुखद घटना ने पप्पू लाल मीणा के पूरे परिवार को खत्म कर दिया है। अब परिवार में केवल बूढ़े पिता पप्पू लाल ही अकेले बचे हैं। तीन साल पहले उनके एक बेटे की सड़क हादसे में दर्दनाक मौत हो गई थी, जबकि इस सदमे के कारण डेढ़ साल पहले उनकी पत्नी भी दम तोड़ चुकी थीं। अब इकलौते बचे जवान बेटे वीर बहादुर की इस संदिग्ध मौत ने बूढ़े पिता को पूरी तरह से तोड़ दिया है। फिलहाल पुलिस ने शव को मॉर्च्युरी में रखवाकर मामले की कड़ियों को जोड़ना शुरू कर दिया है।