नई दिल्ली: अंतरराष्ट्रीय बाजार में कमजोर रुख और निवेशकों की बदली रणनीति के चलते घरेलू सर्राफा बाजार में सोने और चांदी की कीमतों में उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई है। सोने के दाम में 816 रुपये प्रति 10 ग्राम की कमी आई है, जबकि चांदी की कीमत में करीब 3,988 रुपये प्रति किलोग्राम की गिरावट देखने को मिली है। इस गिरावट से आभूषण खरीदने वाले ग्राहकों और निवेशकों को राहत मिली है।
सोने के दाम में आई नरमी
बाजार विशेषज्ञों के अनुसार वैश्विक स्तर पर सोने की मांग में कमी, डॉलर की मजबूती और निवेशकों द्वारा सुरक्षित निवेश विकल्पों से कुछ दूरी बनाने के कारण सोने की कीमतों पर दबाव बना है। इसका असर भारतीय बाजार में भी देखने को मिला, जहां 24 कैरेट और 22 कैरेट सोने के भाव में गिरावट दर्ज की गई।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने की कीमतों में उतार-चढ़ाव का सीधा प्रभाव भारतीय बाजार पर पड़ता है। हाल के दिनों में वैश्विक आर्थिक संकेतकों और केंद्रीय बैंकों की नीतियों को लेकर बनी स्थिति ने सोने की चमक को कुछ हद तक फीका किया है।
चांदी में बड़ी गिरावट
सोने के साथ-साथ चांदी की कीमतों में भी तेज गिरावट देखने को मिली। चांदी का भाव लगभग 3,988 रुपये प्रति किलोग्राम तक टूट गया। औद्योगिक मांग और वैश्विक बाजार की गतिविधियों का चांदी की कीमतों पर बड़ा असर पड़ता है। मांग में नरमी और निवेशकों की बिकवाली के चलते चांदी के दाम नीचे आए हैं।
खरीदारों के लिए अच्छा मौका
कीमतों में आई यह गिरावट उन लोगों के लिए अच्छा अवसर हो सकती है जो शादी-विवाह या अन्य पारिवारिक आयोजनों के लिए सोना-चांदी खरीदने की योजना बना रहे हैं। कम कीमतों का लाभ उठाकर ग्राहक अपनी खरीदारी कर सकते हैं।
हालांकि निवेशकों को सलाह दी जा रही है कि वे बाजार की चाल और अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों पर नजर रखते हुए निवेश संबंधी निर्णय लें, क्योंकि आने वाले दिनों में वैश्विक आर्थिक घटनाक्रम के अनुसार कीमतों में फिर बदलाव देखने को मिल सकता है।
अंतरराष्ट्रीय बाजार का असर
जानकारों के मुताबिक अमेरिकी डॉलर की मजबूती, ब्याज दरों को लेकर बनी अपेक्षाएं और वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं में कमी आने से कीमती धातुओं की मांग प्रभावित हुई है। इसी वजह से अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोना और चांदी दोनों दबाव में रहे, जिसका असर भारतीय बाजारों पर भी पड़ा।
आगे क्या रह सकती है दिशा?
बाजार विश्लेषकों का कहना है कि यदि वैश्विक स्तर पर आर्थिक परिस्थितियां स्थिर रहती हैं और डॉलर मजबूत बना रहता है, तो सोने और चांदी की कीमतों में और उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है। वहीं किसी भी भू-राजनीतिक तनाव या आर्थिक अनिश्चितता की स्थिति में निवेशक फिर से सुरक्षित निवेश के रूप में सोने की ओर रुख कर सकते हैं।
कुल मिलाकर, फिलहाल सोना और चांदी दोनों सस्ते हुए हैं, जिससे उपभोक्ताओं को राहत मिली है और बाजार में खरीदारी की संभावनाएं बढ़ी हैं।