आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में लोग अपनी त्वचा की देखभाल पर तो ध्यान देते हैं, लेकिन सनस्क्रीन लगाने की आदत को अक्सर नजरअंदाज कर देते हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, सूरज से निकलने वाली हानिकारक पराबैंगनी किरणें (UV Rays) त्वचा को गंभीर नुकसान पहुंचा सकती हैं। यही कारण है कि स्वस्थ और चमकदार त्वचा के लिए सनस्क्रीन का नियमित उपयोग बेहद जरूरी माना जाता है।
UV किरणों के लगातार संपर्क में रहने से त्वचा पर झुर्रियां, पिगमेंटेशन, टैनिंग, कालापन और समय से पहले उम्र बढ़ने के लक्षण दिखाई देने लगते हैं। इतना ही नहीं, लंबे समय तक बिना सुरक्षा के धूप में रहने से त्वचा संबंधी गंभीर समस्याओं का खतरा भी बढ़ सकता है।
घर से बाहर निकलने से लगभग 20 से 30 मिनट पहले ब्रॉड-स्पेक्ट्रम सनस्क्रीन लगानी चाहिए, जो UVA और UVB दोनों प्रकार की किरणों से सुरक्षा प्रदान करती हो। कम से कम SPF 30 वाली सनस्क्रीन का उपयोग करना बेहतर माना जाता है। यदि आप लंबे समय तक बाहर रहते हैं, पसीना अधिक आता है या तैराकी करते हैं, तो हर दो से तीन घंटे में सनस्क्रीन दोबारा लगानी चाहिए।
यह धारणा भी गलत है कि केवल गर्मियों में ही सनस्क्रीन की जरूरत होती है। बादलों वाले मौसम या सर्दियों में भी UV किरणें त्वचा तक पहुंच सकती हैं, इसलिए हर मौसम में सनस्क्रीन का इस्तेमाल जरूरी है।
त्वचा को स्वस्थ, मुलायम और जवान बनाए रखने के लिए रोजाना सनस्क्रीन लगाने की आदत अपनाना एक सरल लेकिन बेहद प्रभावी उपाय है। नियमित उपयोग से न केवल त्वचा सूरज की हानिकारक किरणों से सुरक्षित रहती है, बल्कि उसकी प्राकृतिक चमक और सुंदरता भी लंबे समय तक बरकरार रहती है।