सनस्क्रीन क्यों है जरूरी: UV किरणों से बचाव और युवा त्वचा का राज
धूप से निकलने वाली UV किरणें त्वचा को नुकसान पहुंचाकर झुर्रियां, टैनिंग और समय से पहले बुढ़ापे के लक्षण पैदा कर सकती हैं। इससे बचाव के लिए विशेषज्ञ ब्रॉड-स्पेक्ट्रम SPF 30 या उससे अधिक वाली सनस्क्रीन को घर से निकलने से 20-30 मिनट पहले लगाने की सलाह देते हैं। नियमित सनस्क्रीन उपयोग त्वचा को सुरक्षित, स्वस्थ और युवा बनाए रखने में मदद करता है।
आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में लोग अपनी त्वचा की देखभाल पर तो ध्यान देते हैं, लेकिन सनस्क्रीन लगाने की आदत को अक्सर नजरअंदाज कर देते हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, सूरज से निकलने वाली हानिकारक पराबैंगनी किरणें (UV Rays) त्वचा को गंभीर नुकसान पहुंचा सकती हैं। यही कारण है कि स्वस्थ और चमकदार त्वचा के लिए सनस्क्रीन का नियमित उपयोग बेहद जरूरी माना जाता है।
UV किरणों के लगातार संपर्क में रहने से त्वचा पर झुर्रियां, पिगमेंटेशन, टैनिंग, कालापन और समय से पहले उम्र बढ़ने के लक्षण दिखाई देने लगते हैं। इतना ही नहीं, लंबे समय तक बिना सुरक्षा के धूप में रहने से त्वचा संबंधी गंभीर समस्याओं का खतरा भी बढ़ सकता है।
घर से बाहर निकलने से लगभग 20 से 30 मिनट पहले ब्रॉड-स्पेक्ट्रम सनस्क्रीन लगानी चाहिए, जो UVA और UVB दोनों प्रकार की किरणों से सुरक्षा प्रदान करती हो। कम से कम SPF 30 वाली सनस्क्रीन का उपयोग करना बेहतर माना जाता है। यदि आप लंबे समय तक बाहर रहते हैं, पसीना अधिक आता है या तैराकी करते हैं, तो हर दो से तीन घंटे में सनस्क्रीन दोबारा लगानी चाहिए।