भारतीय रेल में बिना टिकट यात्रा करने वाले और सह-यात्रियों को परेशान करने वाले असामाजिक तत्वों की अब खैर नहीं है। रेल मंत्रालय ने ट्रेन और रेलवे परिसरों में सुरक्षा तथा व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए जुर्माने की राशियों में भारी बढ़ोतरी की है। नए आदेश के मुताबिक, अब बिना टिकट यात्रा करने पर लगने वाले न्यूनतम जुर्माने को दोगुना कर दिया गया है। इसके अलावा दूसरे के टिकट पर सफर करने और अभद्र व्यवहार करने वालों के लिए भी सख्त सजा के प्रावधान किए गए हैं।

1 जुलाई 2026 से लागू होंगे नए नियम

रेलवे बोर्ड के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर (पैसेंजर मार्केटिंग) शिवेंद्र शुक्ला द्वारा 18 जून को देश के सभी रेलवे जोन को इस संबंध में आधिकारिक आदेश जारी कर दिया गया है। ये नए नियम 1 जुलाई 2026 से पूरे देश में प्रभावी रूप से लागू हो जाएंगे। रेलवे बोर्ड ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि तय तारीख के बाद किसी भी स्तर पर पुराने प्रावधानों के आधार पर ढिलाई नहीं बरती जानी चाहिए।

न्यूनतम जुर्माना हुआ 500 रुपए, दूसरे के टिकट पर सफर पड़ेगा भारी

अब तक बिना टिकट पकड़े जाने पर यात्रियों से न्यूनतम 250 रुपए जुर्माना वसूला जाता था, जिसे अब बढ़ाकर 500 रुपए कर दिया गया है। इसके साथ ही यदि कोई यात्री किसी दूसरे व्यक्ति के नाम पर बुक टिकट लेकर यात्रा करते हुए पाया जाता है, तो उस पर भी सख्त कार्रवाई होगी। ऐसे मामलों में:

  • रेलवे द्वारा उस टिकट को तुरंत जब्त कर लिया जाएगा।

  • यात्री से यात्रा का पूरा किराया और साथ में कम से कम 500 रुपए का अतिरिक्त चार्ज वसूला जाएगा।

  • यदि यात्री इस जुर्माने का भुगतान करने से इनकार करता है, तो रेलवे मामले को सीधे कोर्ट तक ले जा सकेगा, जहाँ जेल या भारी जुर्माने की सजा हो सकती है।

नशेड़ियों और भीख मांगने वालों पर भी कड़ा एक्शन

ट्रेनों या रेलवे स्टेशनों पर नशा करके यात्रियों को परेशान करने, गाली-गलौज करने या किसी भी तरह का हंगामा खड़ा करने वालों के खिलाफ भी रेलवे ने जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई है। ऐसे उपद्रवियों को न सिर्फ बीच रास्ते में ट्रेन से उतारा जा सकेगा, बल्कि उन पर भारी जुर्माना और अन्य कानूनी कार्रवाई भी की जाएगी। इसके अलावा, ट्रेन और स्टेशन परिसर में भीख मांगने वालों पर भी सख्ती बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं।

आम यात्रियों का सफर होगा सुरक्षित और आरामदायक

रेल मंत्रालय के अनुसार, इन बदलावों का मुख्य उद्देश्य बिना टिकट यात्रा, टिकटों के गलत इस्तेमाल और रेलवे परिसरों में होने वाले नियम उल्लंघनों पर पूरी तरह रोक लगाना है। रेलवे के सीपीआरओ अमित सुदर्शन ने बताया कि इस बड़े निर्णय से उन आम यात्रियों को सीधा फायदा मिलेगा जो बकायदा टिकट लेकर सफर करते हैं। इससे ट्रेनों में भीड़भाड़ नियंत्रित होगी और लोगों की यात्रा अधिक सुरक्षित, आरामदायक और व्यवस्थित हो सकेगी।