हरियाणा के झज्जर में गुरुवार को एक ऐसी शादी हुई, जो इलाके में ही नहीं बल्कि सोशल मीडिया पर भी चर्चा का विषय बनी हुई है। इस विवाह की खास बात यह थी कि दूल्हा उम्रकैद की सजा काट रहा एक कैदी है, जो अपनी शादी के लिए महज 12 घंटे की पैरोल पर जेल से बाहर आया था। वहीं, दुल्हन सात समंदर पार कंबोडिया से अपने बच्चों के साथ भारत पहुंची थी। पुलिस के कड़े पहरे और हाई सिक्योरिटी के बीच यह विवाह संपन्न हुआ।

12 घंटे की पैरोल और पुलिस का सख्त पहरा

बादली के रहने वाले मैनपाल ढिल्ला वर्तमान में हत्या के एक मामले में आजीवन कारावास की सजा भुगत रहे हैं। कानूनी प्रक्रिया का पालन करते हुए मैनपाल को अपनी शादी रचाने के लिए सुबह 8 बजे से रात 8 बजे तक (कुल 12 घंटे) की मोहलत मिली थी। दुलीना स्थित एक फार्म हाउस में हिंदू रीति-रिवाजों के साथ यह शादी संपन्न कराई गई। समय की पाबंदी को देखते हुए सभी रस्में तय कार्यक्रम के अनुसार तेजी से पूरी की गईं।

सुरक्षा के लिहाज से पूरे फार्म हाउस को पुलिस ने छावनी में तब्दील कर दिया था। बारात से लेकर फेरों तक भारी पुलिस बल तैनात रहा। समारोह में आने वाले हर मेहमान की आईडी चेक की गई और मीडिया को भी सुरक्षा कारणों से एंट्री नहीं दी गई।

हरियाणवी रंग में रंगी विदेशी दुल्हन, खुशी से झूम उठा परिवार

कंबोडिया से आई दुल्हन मेटाचान इस शादी में पूरी तरह से भारतीय और खासकर हरियाणवी संस्कृति में रंगी नजर आईं। पारंपरिक 'सरारा-गरारा' पहने मेटाचान ने शादी की हर रस्म में उत्साह के साथ हिस्सा लिया। विदेशी बहू को ठेठ देसी अंदाज में देखकर मैनपाल की मां रोशनी की खुशी का ठिकाना नहीं था। करीब 8 साल बाद अपने बेटे से मिलकर और घर में नई बहू के आने से परिवार बेहद भावुक और खुश नजर आया।

शादी में शामिल हुए विदेशी बच्चे

दुल्हन मेटाचान ने बताया कि वह इस शादी से बेहद खुश हैं। उनके चार बच्चे हैं, जिनके नाम भी पूरी तरह भारतीय (बाहुबली, भगत, आस्था और वंदना) रखे गए हैं। इनमें से तीन बच्चे अपनी मां की शादी में शामिल होने भारत आए हैं, जबकि एक बेटी कंबोडिया में है, जिससे वे लगातार संपर्क में हैं।

फरार होने से लेकर गिरफ्तारी तक...कैसे शुरू हुई यह प्रेम कहानी?

इस अनोखी शादी के पीछे एक लंबी क्रिमिनल और इंटरनेशनल लव स्टोरी छुपी है:

  • सजा: मैनपाल ढिल्ला को साल 2007 में बहादुरगढ़ सदर थाने में दर्ज हत्या, हत्या के प्रयास और अवैध हथियारों के मामले में दोषी ठहराया गया था। 2013 में कोर्ट ने उसे उम्रकैद की सजा सुनाई थी।

  • फरारी और प्यार: साल 2018 में मैनपाल को छह हफ्ते की पैरोल मिली, लेकिन वह जेल लौटने के बजाय चकमा देकर विदेश भाग गया। फरारी काटते हुए वह कंबोडिया पहुंचा, जहां उसकी मुलाकात मेटाचान से हुई और दोनों के बीच प्यार हो गया।

  • गिरफ्तारी: हरियाणा पुलिस के लगातार प्रयासों के बाद, सीबीआई ने 6 नवंबर 2024 को इंटरपोल के जरिए उसके खिलाफ 'रेड कॉर्नर नोटिस' जारी करवाया।

  • भारत वापसी: कंबोडियाई पुलिस की मदद से 24 जुलाई 2025 को मैनपाल को गिरफ्तार कर लिया गया और 2 सितंबर 2025 को वापस भारत लाकर जेल भेज दिया गया।

वीआईपी स्टाइल में हुआ समारोह का आयोजन

समय की कमी के बावजूद शादी का आयोजन बेहद भव्य था। फार्म हाउस में करीब 500 से 600 मेहमानों के लिए दावत का इंतजाम किया गया था। कार्ड पर छपे कार्यक्रम के अनुसार, दोपहर 12 बजे अतिथियों के लिए लंच रखा गया, दोपहर 2 बजे दूल्हे की घुड़चढ़ी की रस्म हुई और 3 बजे बारात रवाना की गई। तय समय रात 8 बजे से पहले मैनपाल को वापस जेल में सरेंडर करना था।

अपराध, फरारी, विदेशी प्रेम और फिर पुलिस के पहरे में हुई यह शादी आज पूरे हरियाणा में चर्चा का हॉट टॉपिक बनी हुई है।