इलेक्ट्रिक वाहनों (EVs) के क्षेत्र में वायरलेस चार्जिंग (Wireless Charging) और व्हीकल-टू-ग्रिड (Vehicle-to-Grid या V2G) तकनीक तेजी से भविष्य की स्मार्ट मोबिलिटी का हिस्सा बन रही है। इन तकनीकों का उद्देश्य इलेक्ट्रिक वाहनों को अधिक सुविधाजनक, ऊर्जा-कुशल और पर्यावरण के अनुकूल बनाना है।

वायरलेस चार्जिंग तकनीक के तहत सड़कों, पार्किंग स्थलों या विशेष चार्जिंग लेन में इंडक्टिव चार्जिंग सिस्टम लगाया जाता है। इससे वाहन बिना किसी केबल को जोड़े चार्ज हो सकते हैं। कुछ देशों में ऐसी स्मार्ट सड़कों का परीक्षण भी किया जा रहा है, जहां वाहन चलते समय ही बैटरी चार्ज कर सकते हैं। इससे चार्जिंग के लिए लंबे समय तक रुकने की आवश्यकता कम हो जाएगी और लंबी दूरी की यात्रा पहले से अधिक आसान बन सकेगी।

 Vehicle-to-Grid (V2G) तकनीक इलेक्ट्रिक वाहनों को केवल बिजली उपभोक्ता ही नहीं बल्कि ऊर्जा सप्लायर भी बनाती है। इस तकनीक के माध्यम से वाहन की बैटरी में संग्रहित अतिरिक्त बिजली जरूरत पड़ने पर घर, ऑफिस या बिजली ग्रिड को वापस भेजी जा सकती है। इससे बिजली की मांग के पीक समय में ग्रिड पर दबाव कम होगा और नवीकरणीय ऊर्जा के बेहतर उपयोग में मदद मिलेगी।

 V2G तकनीक भविष्य में स्मार्ट ग्रिड सिस्टम का अहम हिस्सा बनेगी। इससे EV मालिक अपनी अतिरिक्त बिजली बेचकर अतिरिक्त आय भी अर्जित कर सकते हैं, जबकि बिजली कंपनियों को ऊर्जा प्रबंधन में सहायता मिलेगी।

ऑटोमोबाइल कंपनियां और ऊर्जा क्षेत्र की संस्थाएं इन तकनीकों को व्यावसायिक स्तर पर लागू करने के लिए तेजी से काम कर रही हैं। आने वाले वर्षों में वायरलेस चार्जिंग लेन और V2G नेटवर्क के विस्तार के साथ इलेक्ट्रिक वाहनों का उपयोग और भी आसान, किफायती और टिकाऊ बनने की उम्मीद है।