राजधानी जयपुर के खोह नागोरियान इलाके में 9 जून को हुए भीषण अग्निकांड और विस्फोट मामले में जांच के दौरान अहम तथ्य सामने आए हैं। पुलिस और जांच एजेंसियों को जानकारी मिली है कि हादसे वाली सुबह दिल्ली से बारूद और पटाखा निर्माण में इस्तेमाल होने वाली सामग्री की बड़ी खेप जयपुर पहुंची थी।

सूत्रों के अनुसार यह सामान चार बंद लोडिंग टेम्पो में भरकर लाया गया था और हाल ही में पकड़ी गई चार अवैध पटाखा फैक्ट्रियों में उतारा गया था।

चार अवैध फैक्ट्रियों में उतारा गया बारूद

जांच में सामने आया है कि तलाई क्षेत्र, दाउद नगर की दो फैक्ट्रियों और आईशा नगर स्थित अवैध यूनिट में विस्फोटक सामग्री और पटाखे बनाने का सामान पहुंचाया गया था। बताया जा रहा है कि सबसे अधिक बारूद और सामग्री दाउद नगर की फैक्ट्रियों में उतारी गई थी।

सामान उतारने के तुरंत बाद चारों टेम्पो वापस दिल्ली के लिए रवाना हो गए थे।

फिरोज ने की थी टेम्पो की एस्कॉर्टिंग

पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि हादसे से जुड़े आरोपी फिरोज ने अपनी वैगनआर कार से चारों टेम्पो को फैक्ट्री तक पहुंचाने में मदद की थी। वह स्वयं वाहनों को एस्कॉर्ट करते हुए विभिन्न फैक्ट्रियों तक लेकर गया था।

जानकारी के मुताबिक, हादसे वाली फैक्ट्री में करीब 25 कट्टे बारूद और पटाखों में इस्तेमाल होने वाली नलकियों के कार्टन उतारे गए थे।

एफएसएल जांच में मिले अहम संकेत

फॉरेंसिक जांच एजेंसियों को आशंका है कि खाना बनाने के दौरान निकली चिंगारी या किसी व्यक्ति की स्मोकिंग से निकली आग ने बारूद को अपनी चपेट में लिया होगा। हालांकि, अंतिम एफएसएल रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है।

जांच एजेंसियां विस्फोट के हर पहलू की बारीकी से जांच कर रही हैं।

इन सवालों के जवाब तलाश रही पुलिस

  • दिल्ली से विस्फोटक सामग्री किसने भेजी?

  • बारूद और अन्य सामान की खरीद किसके नाम पर हुई?

  • चारों टेम्पो के मालिक और चालक कौन हैं?

  • अवैध फैक्ट्रियों में बारूद के भंडारण को किसका संरक्षण प्राप्त था?

  • पूरे सप्लाई नेटवर्क में और कौन-कौन शामिल हैं?

सप्लाई चेन पर शिकंजा कसने की तैयारी

थानाधिकारी प्रकाश राम विश्नोई के अनुसार मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए गहन जांच की जा रही है। पुलिस अब दिल्ली से जयपुर तक फैले सप्लाई नेटवर्क, अवैध भंडारण और विस्फोटक सामग्री के कारोबार से जुड़े लोगों की भूमिका की पड़ताल कर रही है। जल्द ही इस मामले में और बड़े खुलासे होने की संभावना है।