जयपुर। राजधानी जयपुर के सोडाला थाना क्षेत्र में पूर्व जिला एवं सत्र न्यायाधीश स्वर्गीय जगपाल सिंह के परिवार में चल रहे संपत्ति विवाद ने हिंसक रूप ले लिया। पूर्व जज के बेटे पर अपनी बहन पर हमला करने, उसकी कार में तोड़फोड़ करने और जान से मारने की कोशिश करने का आरोप लगा है। घटना का सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया है। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

पुलिस के अनुसार, पीड़िता पूनम सिंह ने दर्ज कराई रिपोर्ट में बताया कि 14 जुलाई की शाम करीब 6:40 बजे वह हाईकोर्ट से अपने घर लौट रही थीं। जैसे ही वह सिविल लाइंस स्थित गौरव नगर स्थित घर के पास पहुंचीं, उनके बड़े भाई मुनिंदर सिंह ने डंडे से उनकी कार पर हमला कर दिया। आरोप है कि उन्होंने कार के शीशे तोड़ दिए और कार के अंदर घुसकर भी हमला करने का प्रयास किया।

कांच के टुकड़ों से घायल हुए पूनम और ड्राइवर

पूनम सिंह का आरोप है कि कार के शीशे टूटने से कांच के टुकड़े उनके हाथ और पैरों में लगे। उनके ड्राइवर रामजीलाल भी घायल हो गए। उन्होंने बताया कि किसी तरह वहां से निकलकर अपनी जान बचाई। उनका कहना है कि यदि वह मौके पर रुक जातीं तो भाई उनकी हत्या कर सकता था।

मेड ने बताई कथित साजिश

पीड़िता ने अपनी शिकायत में कहा कि उनकी घरेलू सहायिका (मेड) ने बताया कि आरोपी और उसकी पत्नी ने पहले से ही सीढ़ियों का दरवाजा बंद कर रखा था, ताकि वह घर की पहली मंजिल पर न जा सकें। पूनम का आरोप है कि यह पूरी घटना पहले से सुनियोजित थी और एक दिन पहले ही इसकी योजना बनाई गई थी।

सुरक्षा की मांग

पूनम सिंह ने पुलिस को बताया कि उनके भाई पहले भी उन्हें जान से मारने की धमकी दे चुके हैं। उन्होंने अपनी और अपने ड्राइवर की सुरक्षा की मांग करते हुए आरोपी के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग की है। पुलिस ने शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर जांच एएसआई महादेव को सौंप दी है। पुलिस का कहना है कि सीसीटीवी फुटेज सहित अन्य साक्ष्यों की जांच की जा रही है।

फर्जी वसीयत का भी लगाया आरोप

पूनम सिंह ने आरोप लगाया कि उनके भाई मुनिंदर सिंह ने पिता के नाम से दो फर्जी वसीयत तैयार कर रखी हैं। इस संबंध में वर्ष 2023 में भी एफआईआर दर्ज कराई गई थी। उनका कहना है कि संपत्ति विवाद को लेकर लगातार उन्हें प्रताड़ित किया जा रहा है।

भाई का पक्ष भी आया सामने

दूसरी ओर मुनिंदर सिंह ने सभी आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि उनकी बहन तलाकशुदा हैं और उनके तलाक के मामले की पैरवी उन्होंने ही की थी, जिसके बाद उन्हें पति से लगभग तीन करोड़ रुपये का भरण-पोषण दिलाया गया। उनका आरोप है कि अब उनकी बहन मकान पर कब्जा करना चाहती हैं। उन्होंने दावा किया कि उनके पिता ने अपनी वसीयत में मकान उनके नाम किया था और बहन ने उनके खिलाफ झूठी एफआईआर दर्ज कराई है।

2023 से चल रहा है संपत्ति विवाद

जानकारी के अनुसार, मुनिंदर सिंह, उनकी मां हरबीर कौर और बहनों के बीच संपत्ति को लेकर विवाद लंबे समय से चल रहा है। यह मामला वर्ष 2023 से सिविल कोर्ट में विचाराधीन है। वर्तमान में परिवार के सदस्य एक ही मकान में रहते हैं। मुनिंदर सिंह हाईकोर्ट में अधिवक्ता हैं, जबकि 50 वर्षीय पूनम सिंह एलएलबी तृतीय वर्ष की छात्रा हैं और कोर्ट में इंटर्नशिप कर रही हैं।

फिलहाल पुलिस दोनों पक्षों के बयान, सीसीटीवी फुटेज और अन्य साक्ष्यों के आधार पर पूरे मामले की जांच कर रही है। जांच के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।