जयपुर। प्रदेश में हाल के दिनों में लग्जरी बसों में आगजनी और हादसों की बढ़ती घटनाओं के बाद राजस्थान में बसों की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर बड़ा अभियान शुरू किया गया है। इसी क्रम में गुरुवार को जयपुर में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (महानगर द्वितीय) की सचिव एवं न्यायिक अधिकारी पल्लवी शर्मा खुद सड़क पर उतरीं और चौमूं पुलिया तथा 14 नंबर बस स्टैंड से संचालित हो रही लग्जरी बसों और बाल वाहिनियों का औचक निरीक्षण किया।
निरीक्षण के दौरान कई बसों में गंभीर अनियमितताएं सामने आईं। सबसे चौंकाने वाला मामला एक ऐसी बस का मिला जो मध्य प्रदेश में पंजीकृत थी, लेकिन उस पर राजस्थान की नंबर प्लेट लगाकर अवैध रूप से संचालन किया जा रहा था। इसके अलावा कई बसों में सुरक्षा मानकों की खुलेआम अनदेखी मिली। बसों के इमरजेंसी गेट और आपातकालीन खिड़कियों को बंद कर उनमें अतिरिक्त सीटें और स्लीपर बर्थ लगा दी गई थीं। कुछ बसों में अवैध केबिन भी बनाए गए थे, जिससे यात्रियों की सुरक्षा पर गंभीर खतरा पैदा हो सकता था।
जांच में नियमों का उल्लंघन मिलने पर न्यायिक अधिकारी पल्लवी शर्मा ने तत्काल कार्रवाई करते हुए 9 बसों को सीज करने के आदेश दिए, जबकि 15 लग्जरी बसों और बाल वाहिनियों के चालान काटे गए। निरीक्षण के दौरान न्यायिक मजिस्ट्रेट, परिवहन विभाग के अधिकारी और यातायात पुलिस की टीम भी मौजूद रही।
प्रदेशभर में एक महीने तक चलेगा विशेष अभियान
राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण (रालसा) ने बढ़ते बस हादसों और सुरक्षा संबंधी लापरवाही को देखते हुए प्रदेशभर में एक माह का विशेष अभियान शुरू किया है। अभियान के तहत न्यायिक अधिकारी, परिवहन विभाग और पुलिस की संयुक्त टीम लंबी दूरी की लग्जरी बसों की जांच करेगी।
यह अभियान जयपुर, जोधपुर, उदयपुर, कोटा, अजमेर, बीकानेर, भरतपुर, अलवर, श्रीगंगानगर, भीलवाड़ा, राजसमंद और सीकर सहित उन सभी जिलों में चलाया जाएगा, जहां से अन्य राज्यों के लिए बड़ी संख्या में बसों का संचालन होता है।
पहले दिन की कार्रवाई में लाखों का जुर्माना
अभियान के तहत जयपुर महानगर प्रथम क्षेत्र में किशोर कुमार तालेपा (सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण) के नेतृत्व में भी संयुक्त जांच की गई। इस दौरान मोबाइल मजिस्ट्रेट रोहित शर्मा, पुलिस निरीक्षक मुक्ता सोनी, गोकुल राम ढाका और आरटीओ अधिकारियों की मौजूदगी में 3 बसों को सीज किया गया तथा 4 बसों के चालान काटे गए। इस कार्रवाई में कुल 3 लाख 40 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया।
अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि आगामी दिनों में भी सुरक्षा मानकों की अनदेखी करने वाले बस संचालकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी, ताकि यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके और भविष्य में किसी बड़े हादसे को रोका जा सके।