राजस्थान के जैसलमेर जिले के पोकरण से एक बेहद चौंकाने वाला और संवेदनशील मामला सामने आया है, जिसने पूरे इलाके को हिलाकर रख दिया है। यहां एक सरकारी अस्पताल की मोर्चरी से 15 साल के एक युवक का शव रहस्यमयी तरीके से गायब हो गया। मृतक की पहचान महेंद्र के रूप में हुई है, जो लोहावट का रहने वाला बताया जा रहा है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, महेंद्र की तालाब में डूबने से मौत हो गई थी।

मौत के बाद भी नहीं मिला सुकून

घटना के बाद परिजन पहले से ही गहरे सदमे में थे। महेंद्र के शव को पोस्टमार्टम के लिए पोकरण के सरकारी अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया गया था। लेकिन अगले दिन जब परिजन अंतिम दर्शन के लिए अस्पताल पहुंचे, तो जो उन्होंने देखा, उसने उनके पैरों तले जमीन खिसका दी मोर्चरी में रखा शव गायब था।

मोर्चरी से शव गायब, उठे गंभीर सवाल

अस्पताल जैसी सुरक्षित मानी जाने वाली जगह से शव का गायब होना कई बड़े सवाल खड़े करता है। क्या यह अस्पताल प्रशासन की गंभीर लापरवाही है? या फिर इसके पीछे कोई साजिश छिपी हुई है? इस घटना ने न सिर्फ परिजनों को तोड़ दिया है, बल्कि पूरे क्षेत्र में भय और अविश्वास का माहौल बना दिया है।

परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल

महेंद्र के परिजन इस घटना के बाद गहरे सदमे और गुस्से में हैं। उनका कहना है कि अस्पताल प्रशासन ने लापरवाही बरती है और अब तक कोई स्पष्ट जवाब नहीं दिया गया है। परिजन लगातार मांग कर रहे हैं कि जल्द से जल्द शव बरामद किया जाए और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई हो।

पुलिस और प्रशासन जांच में जुटा

घटना की गंभीरता को देखते हुए स्थानीय पुलिस और अस्पताल प्रशासन हरकत में आ गया है। सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं, अस्पताल स्टाफ से पूछताछ की जा रही है और हर संभावित एंगल से जांच की जा रही है। हालांकि अभी तक शव का कोई सुराग नहीं मिल पाया है

भरोसे पर बड़ा सवाल

यह मामला केवल एक शव के गायब होने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह पूरे सिस्टम की सुरक्षा और विश्वसनीयता पर सवाल खड़ा करता है। जब अस्पताल की मोर्चरी जैसी जगह भी सुरक्षित नहीं रह गई, तो आम लोगों का भरोसा किस पर टिकेगा?

क्या मिलेगा जवाब?

अब सबसे बड़ा सवाल यही है—क्या महेंद्र का शव बरामद हो पाएगा? और अगर हां, तो इस रहस्यमयी घटना के पीछे की असली वजह क्या है? फिलहाल, यह मामला पूरे इलाके में चर्चा का विषय बना हुआ है और हर कोई इस सच्चाई के सामने आने का इंतजार कर रहा है।