झुंझुनूं में 12 दिसंबर को गोठड़ा थाना इलाके में हुई खूनी गैंगवार में सनसनीखेज खुलासा! रविंद्र कटेवा को मारने की सुपारी श्रवण भादवासी ने दी थी, और मध्यस्थ था एक फाइनेंस ऑफिस संचालक आसिफ। आसिफ पिंटू शूटर के गांव भींचरी का निवासी है। इसी के जरिए श्रवण ने पिंटू से संपर्क कर 50 लाख रुपये में कटेवा का काम तमाम करने का सौदा किया। लेकिन प्लान फेल हो गया, और इसमें सुनील सुंडा की जान चली गई।
यह पूरा विवाद सीकर के दादिया थाना इलाके में 24 बीघा जमीन को लेकर है। यहां रिंग रोड प्रस्तावित होने से जमीन की कीमत 1.5 करोड़ रुपये प्रति बीघा पहुंच गई। श्रवण और उसकी भाभी शारदा के बीच झगड़ा था। कटेवा ने शारदा का साथ दिया, जिससे श्रवण भड़क गया। पहले सुरेश पर हमला हुआ, फिर राजीनामा टूटा। श्रवण ने चार शूटर्स- पिंटू, राजेंद्र, कृष्णकांत और नंदू फौजी को सुपारी दी। सुबह 9:15 से 9:45 के बीच स्विफ्ट कार से हमला किया, लेकिन कटेवा बच गया। सुनील पर फायरिंग से मौत हो गई। जवाबी फायरिंग में कृष्णकांत मारा गया, राजेंद्र-पिंटू पिटे, नंदू गिरफ्तार।
पुलिस ने हाई-क्वालिटी पिस्टलों की जांच शुरू की। श्रवण भादवासी और शुभकरण बाजिया पर 50-50 हजार का इनाम, अनिल-मनोज आदि पर 25-25 हजार। कुल 9 आरोपियों पर इनाम, पुलिस राजस्थान समेत कई राज्यों में छापे मार रही है। सीकर पुलिस ने कटेवा गैंग पर BNS धारा 111 के तहत संगठित अपराध का केस दर्ज किया, जो विवादित जमीनों पर कब्जा करती है। आरोपी पासपोर्ट न होने से विदेश भागना मुश्किल। यह गैंगवार जमीन के लालच की खौफनाक कहानी बयां करती है!