उत्तर प्रदेश के कासगंज जिले से एक बेहद दर्दनाक मामला सामने आया है। यहां एक देवर और भाभी के अवैध प्रेम प्रसंग का अंत हो गया। 9 दिन पहले अपने-अपने घरों से लापता हुए दोनों के शव गुरुवार सुबह हजारा नहर में बरामद हुए हैं। घटना स्थल से करीब 13 किलोमीटर दूर दोनों के शव तैरते हुए मिले। पुलिस की शुरुआती जांच में सामने आया है कि दोनों ने प्रेम प्रसंग के चलते एक साथ नहर में छलांग लगाकर जान दे दी।
4 साल पहले हुई थी लव मैरिज, 1 साल से देवर से चल रहा था चक्कर
जानकारी के मुताबिक, मानौटा गांव निवासी कृष्णकांत (27) पुलिस भर्ती की तैयारी कर रहा था, जबकि उसकी भाभी प्रियंका बीएससी की छात्रा थी। प्रियंका ने कृष्णकांत के बड़े भाई पंकज के साथ करीब चार साल पहले घर से भागकर लव मैरिज की थी। शादी के बाद पंकज अपनी पत्नी के साथ पानीपत में रहकर एक कपड़ा गोदाम में काम करने लगा।
परिजनों ने बताया कि कृष्णकांत अक्सर अपने भाई के घर पानीपत जाता रहता था। इसी दौरान करीब एक साल पहले उसका अपनी भाभी प्रियंका से अफेयर शुरू हो गया।
7 सितंबर की दोपहर शुरू हुई लापता होने की कहानी
इस घटना की पटकथा 7 सितंबर को ही लिखी जा चुकी थी। पंकज दोपहर करीब 1 बजे जब लंच करने पानीपत स्थित अपने कमरे पर पहुंचा, तो 4 साल की बेटी अकेली सो रही थी और पत्नी प्रियंका गायब थी। पंकज ने अपनी मां से संपर्क किया लेकिन प्रियंका का कुछ अता-पता नहीं चला।
दूसरी ओर, गांव में रहने वाला कृष्णकांत भी उसी दिन सुबह 11 बजे 'दवा लेने' के बहाने घर से निकला था। शाम करीब 6 बजे जब पंकज ने अपने छोटे भाई कृष्णकांत को फोन किया, तो उसने बताया कि प्रियंका उसी के साथ है और दोनों दिल्ली के कश्मीरी गेट इलाके में हैं। पंकज ने उन्हें वापस लाने की बात कही, लेकिन कृष्णकांत ने उसे आने से रोक दिया।
रात 3 बजे आया आखिरी फोन- 'हम मरने जा रहे हैं...'
8 सितंबर की तड़के करीब 3 बजे पंकज के मोबाइल पर कृष्णकांत का फोन आया। उसने पंकज को बताया कि वह और प्रियंका कासगंज के नदरई स्थित हजारा नहर के पिकनिक स्पॉट पर हैं। कृष्णकांत ने अपनी मां की कसम खाते हुए बड़े भाई से कहा, "हम दोनों अब मरने जा रहे हैं।"
इस दौरान प्रियंका ने भी अपने पति से बात की। घबराए पंकज ने दोनों को ऐसा कदम न उठाने के लिए काफी समझाया और मैसेज भी किए, लेकिन कुछ ही देर बाद दोनों के फोन स्विच ऑफ हो गए।
नहर किनारे मिले थे कपड़े और जेवरात
8 सितंबर को ही पुलिस को हजारा नहर के पास लावारिस हालत में बैग और कुछ सामान मिलने की सूचना मिली थी। पुलिस ने मौके से दोनों के पर्स, कपड़े, आईडी कार्ड, एटीएम कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस, 5 हजार से ज्यादा की नकदी और सोने के जेवरात बरामद किए थे। इसके बाद से ही पीएसी (PAC) फ्लड यूनिट और स्थानीय पुलिस नहर में दोनों की तलाश कर रही थी, लेकिन कई दिनों तक उनका कोई सुराग नहीं लगा।
क्या कहती है पुलिस?
गुरुवार सुबह घटना स्थल से लगभग 13 किलोमीटर दूर नहर में दोनों के शव उतराते हुए मिले। थानाध्यक्ष विदेश राठी ने मामले की पुष्टि करते हुए बताया, "देवर और भाभी के शव नहर से बरामद कर लिए गए हैं। दोनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया है। फिलहाल पुलिस हर एंगल से मामले की जांच कर रही है और पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।"