राजस्थान के करौली जिले में मानसून की मूसलाधार बारिश ने एक बार फिर जनजीवन को अस्त-व्यस्त कर दिया है। जिले के मंडरायल उपखंड क्षेत्र में मात्र डेढ़ घंटे की तेज बारिश के कारण मंडरायल-करणपुर मार्ग पर टोड़ा-सिमारा के पास बनी पुलिया तेज बहाव में टूटकर बह गई। पुलिया क्षतिग्रस्त होने से सड़क के बीचों-बीच गहरी खाई बन गई है, जिसके चलते करीब 40 गांवों का संपर्क सीधे तौर पर ब्लॉक व जिला मुख्यालय से कट गया है।

तेज बहाव में बह गए सीमेंट के बड़े पाइप प्रत्यक्षदर्शियों और ग्रामीणों के अनुसार, शनिवार को हुई डेढ़ घंटे की मूसलाधार बारिश के बाद पानी का बहाव इतना तेज था कि सड़क निर्माण में लगाए गए भारी-भरकम सीमेंट के पाइप भी तिनके की तरह बह गए। सड़क का एक बड़ा हिस्सा धंस जाने से मार्ग पर आवागमन पूरी तरह ठप हो गया है।

40 गांवों के ग्रामीणों पर टूटा 100 किमी के सफर का संकट इस मार्ग के कटने से मंडरायल, करणपुर और आस-पास के लगभग 40 गांवों के हजारों लोगों की दिनचर्या बुरी तरह प्रभावित हुई है। स्कूल जाने वाले बच्चों, नौकरीपेशा लोगों और दैनिक मजदूरी करने वालों के सामने आवागमन की बड़ी चुनौती खड़ी हो गई है।

  • सबसे बड़ी मार मरीजों और आपातकालीन सेवाओं पर पड़ रही है।

  • ग्रामीणों को अपने गंतव्य और मुख्यालय तक पहुंचने के लिए वैकल्पिक व घुमावदार रास्तों से लगभग 100 किलोमीटर का अतिरिक्त सफर तय करना पड़ रहा है, जिससे उनका समय और आर्थिक खर्च दोनों कई गुना बढ़ गए हैं।

प्रशासनिक मुआयना और ग्रामीणों की मांग घटना की सूचना मिलने पर स्थानीय प्रशासन और संबंधित विभाग की टीमें मौके पर पहुंचीं और सुरक्षा के लिहाज से मार्ग पर दोनों ओर बैरिकेडिंग कर आवागमन बंद करा दिया।

ग्रामीणों का आरोप है कि इस मार्ग पर हर साल बारिश के मौसम में जलभराव और कटाव की स्थिति बनती है, लेकिन प्रशासन द्वारा कोई स्थायी पक्का समाधान नहीं किया जाता। क्षेत्रवासियों ने जिला प्रशासन व सरकार से मांग की है कि युद्धस्तर पर अस्थाई मार्ग बनाकर आवागमन शुरू कराया जाए और जल्द से जल्द मजबूत उच्चस्तरीय पुलिया का निर्माण किया जाए।