बाड़मेर शहर में सावन मास के तीसरे सोमवार को मालाणी महादेव कावड़ यात्रा समिति की ओर से मालाणी महादेव कावड़ यात्रा का भव्य आयोजन किया गया। यात्रा चारभुजा मंदिर से साधु-संतों के सानिध्य, ढोल-नगाड़ों की गूंज और बम-बम भोले की जयकारों के साथ रवाना हुई। इस धार्मिक यात्रा में करीब 400 कावड़िएं और मातृशक्ति कावड़ व कलश लेकर शामिल हुईं। शिव विधायक रविंद्र सिंह भाटी भी स्वयं कावड़िया बनकर यात्रा में शामिल हुए।
यात्रा की शुरुआत और विधिवत रवाना
सोमवार की सुबह चारभुजा मंदिर में कावड़िएं और श्रद्धालु बड़ी संख्या में एकत्रित हुए। मालाणी महादेव कावड़ यात्रा समिति के पदाधिकारियों और सदस्यों ने बीते कई दिनों से तैयारियां की थीं। समिति की ओर से प्रत्येक कावड़ यात्री को कावड़, टी-शर्ट, दुपट्टा और आईडी कार्ड वितरित किए गए। साधु-संतों ने धर्म ध्वजा दिखाकर यात्रा को विधिवत रवाना किया। इस मौके पर एएसपी नितेश आर्य और पूर्व सभापति दीपक माली भी साधु-संतों के साथ मौजूद रहे और धर्म ध्वजा दिखाकर यात्रा को हरी झंडी दी। महिलाएं भी धर्म ध्वजा लेकर यात्रा में शामिल हुईं। शहर के मुख्य मार्ग बम-बम भोले की जयकारों से गूंज उठे।
यात्रा का मार्ग और गंतव्य
कावड़ यात्रा चारभुजा मंदिर से शुरू होकर गांधी चौक, स्टेशन रोड, सुमेर गौशाला, माहेश्वरी चौक, विश्वकर्मा सर्किल और तनसिंह सर्किल होते हुए शिव धाम रातानाडा पहुंचेगी। वहां पहुंचकर कावड़िएं भगवान भोलेनाथ का रुद्राभिषेक करेंगे।
धार्मिक और आध्यात्मिक महत्व
यात्रा के संयोजक मनोहर बसंल ने बताया कि सावन मास में कावड़ यात्रा का विशेष धार्मिक और आध्यात्मिक महत्व है। यह यात्रा भगवान शिव की आराधना और भक्ति का प्रतीक है। बाड़मेर शहर में हर साल सावन के तीसरे सोमवार को मालाणी महादेव कावड़ यात्रा समिति इस आयोजन को सफलतापूर्वक संपन्न कराती है।