खाटूश्यामजी हमला केस में पुलिस को बड़ी कामयाबी
सीकर। खाटूश्यामजी थाना पुलिस ने 26 मई की रात गेस्ट हाउस कर्मचारी करण कुमावत पर हुए जानलेवा हमले के मामले में बड़ी सफलता हासिल की है। करीब तीन सप्ताह से फरार चल रहे दो मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है। दोनों आरोपियों पर पुलिस अधीक्षक की ओर से 10-10 हजार रुपए का इनाम घोषित किया गया था।
पुलिस ने एक आरोपी को जयपुर से और दूसरे को अजीतगढ़ क्षेत्र से गिरफ्तार किया। गिरफ्तारी के बाद शनिवार को आरोपियों को घटनास्थल पर ले जाकर मौका तस्दीक की कार्रवाई भी करवाई गई।
पांच राज्यों के 22 जिलों में तलाश के बाद गिरफ्तारी
खाटूश्यामजी थाना प्रभारी पवन कुमार चौबे के नेतृत्व में पुलिस टीम लगातार आरोपियों की तलाश में जुटी हुई थी। पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों, सीसीटीवी फुटेज और मुखबिर तंत्र की मदद से पांच राज्यों के 22 जिलों में आरोपियों की तलाश की।
आखिरकार पुलिस ने ललित उर्फ रुद्र (26) पुत्र बजरंगलाल निवासी मऊ को अजीतगढ़ क्षेत्र के सुराणी गांव से तथा धीरज जांगिड़ (30) पुत्र रमेश जांगिड़ निवासी मऊ को जयपुर के 14 नंबर पुलिया क्षेत्र से गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस की गाड़ी से भागने की कोशिश
पुलिस के अनुसार गिरफ्तारी के बाद आरोपी ललित उर्फ रुद्र ने पुलिस की गाड़ी से भागने का प्रयास किया। इस दौरान वह संतुलन खो बैठा और नीचे गिर गया, जिससे उसके पैर में गंभीर चोट आई और फ्रैक्चर हो गया।
पुलिस ने आरोपी को आवश्यक चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू की।
करण कुमावत पर किया था जानलेवा हमला
पुलिस जांच में सामने आया कि करण कुमावत खाटूश्यामजी में एक गेस्ट हाउस में कर्मचारी के रूप में कार्यरत था। आरोप है कि गेस्ट हाउस में ग्राहकों को ले जाने को लेकर हुए विवाद के चलते रुद्र, धीरज और उनके साथियों ने मिलकर करण पर जानलेवा हमला किया था।
घटना के बाद घायल करण के पिता ने खाटूश्यामजी थाने में मामला दर्ज कराया था, जिसके आधार पर पुलिस जांच कर रही थी।
पहले भी हो चुकी है एक आरोपी की गिरफ्तारी
इस मामले में पुलिस पहले ही आरोपी राजपाल को गिरफ्तार कर चुकी है। वहीं अन्य फरार आरोपियों की तलाश के लिए लगातार दबिश दी जा रही है। पुलिस का कहना है कि जल्द ही बाकी आरोपियों को भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
मौका तस्दीक के दौरान बताया पूरा घटनाक्रम
शनिवार को पुलिस दोनों आरोपियों को घटनास्थल पर लेकर पहुंची, जहां उनसे मौका तस्दीक करवाई गई। आरोपियों ने पुलिस को बताया कि उन्होंने किस स्थान पर करण कुमावत पर हमला किया था और वारदात के बाद किस रास्ते से फरार हुए थे।
जांच टीम ने मौके पर घटनाक्रम का पुनर्निर्माण कर आवश्यक साक्ष्य भी जुटाए।
हाथ जोड़कर मांगी जनता से माफी
मौका तस्दीक के दौरान दोनों आरोपी हाथ जोड़कर अपनी गलती स्वीकार करते नजर आए। उन्होंने कहा कि अपराध करना पाप है और उनसे जो गलती हुई है, उसके लिए वे पूरी जनता से माफी मांगते हैं।
यह दृश्य मौके पर मौजूद लोगों के बीच चर्चा का विषय बना रहा।
धरने के बाद तेज हुई थी कार्रवाई
करण कुमावत पर हुए हमले के बाद सीकर में कलेक्ट्रेट परिसर के बाहर करीब 10 दिनों तक अनिश्चितकालीन धरना चला था। प्रदर्शनकारियों ने मुख्य आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग की थी।
धरने के दसवें दिन प्रतिनिधिमंडल ने जयपुर में राजस्थान सरकार के मंत्रियों से मुलाकात की थी। इसके बाद भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष मुकेश दाधीच ने सात दिनों के भीतर मुख्य आरोपियों की गिरफ्तारी का आश्वासन दिया था।
पुलिस ने तय समय सीमा के भीतर कार्रवाई करते हुए दोनों मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया, जिससे पीड़ित परिवार और आंदोलनकारियों को बड़ी राहत मिली है।
तकनीकी टीम की रही अहम भूमिका
थाना प्रभारी पवन कुमार चौबे ने बताया कि आरोपियों की गिरफ्तारी में कांस्टेबल गिरधारी लाल और राजेंद्र की विशेष भूमिका रही। दोनों पुलिसकर्मियों ने सीसीटीवी फुटेज और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों की गतिविधियों पर लगातार नजर रखी और उनकी लोकेशन ट्रैक कर गिरफ्तारी सुनिश्चित की।