भारत में आज भी 'सेक्स' या 'सेक्स एजुकेशन' (Sex Education) जैसे विषयों पर खुलकर बात करना एक बहुत बड़ा टैबू (Taboo) माना जाता है। लेकिन, हाल ही में बिहार से एक ऐसा मामला सामने आया है जिसने सोशल मीडिया पर सेक्स एजुकेशन को लेकर एक नई बहस छेड़ दी है। बिहार के पूर्णिया जिले के एक जीव विज्ञान (Biology) के शिक्षक का वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें वह क्लासरूम के भीतर छात्रों को खीरे और कंडोम की मदद से प्रजनन स्वास्थ्य (Reproductive health) और गर्भनिरोधक (Birth control) के बारे में जागरूक करते नजर आ रहे हैं।
कौन हैं वायरल हो रहे यह शिक्षक?
इस अनोखे और बोल्ड तरीके से पढ़ाने वाले शिक्षक का नाम चंदन कुमार है। चंदन बिहार के पूर्णिया जिले के रहने वाले हैं और इंटरनेट पर "बायोलॉजी और इंजेक्शन वाले टीचर" के नाम से काफी मशहूर हैं। वह अक्सर अपनी कोचिंग क्लासेस के छोटे-छोटे वीडियो क्लिप सोशल मीडिया पर शेयर करते रहते हैं। हाल ही में उन्होंने एक वीडियो साझा किया, जिसमें वह क्लास में बच्चों को एक खीरे और कंडोम का इस्तेमाल करके दिखा रहे हैं कि कंडोम को कैसे पहना जाता है और यह सुरक्षित यौन संबंध के लिए कैसे काम करता है।
सोशल मीडिया पर मिला-जुला रिएक्शन
इस वीडियो के सामने आने के बाद इंटरनेट दो धड़ों में बंट गया है। सोशल मीडिया पर लोगों की मिली-जुली प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं:
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आलोचना: कुछ दर्शकों ने इस तरीके की तीखी आलोचना की है। उनका मानना है कि क्लासरूम में इस तरह का प्रदर्शन भारतीय संस्कृति और छात्रों की उम्र के लिहाज से उचित नहीं है।
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समर्थन: वहीं, दूसरी तरफ बड़ी संख्या में सोशल मीडिया यूज़र्स ने शिक्षक का समर्थन भी किया है। उनका कहना है कि शिक्षक ने कुछ भी गलत नहीं किया है और बच्चों को वैज्ञानिक और सही तरीके से शिक्षित करना आज के समय की सबसे बड़ी जरूरत है।
क्यों जरूरी है सेक्स एजुकेशन?
विशेषज्ञों का मानना है कि सेक्स एजुकेशन का मुख्य उद्देश्य युवाओं को उनके शरीर, संबंधों और कामुकता (Sexuality) के बारे में जागरूक करना है ताकि वे भविष्य में सम्मानजनक और सही विकल्प चुन सकें।
साल 2018 में कोलंबिया यूनिवर्सिटी (Columbia University) द्वारा किए गए एक अध्ययन में भी यह बात सामने आई थी कि सही सेक्स एजुकेशन युवाओं के बीच यौन हिंसा (Sexual violence) के जोखिम को काफी हद तक कम कर सकती है। इसके बावजूद भारत में इसे पाठ्यक्रम या रोजमर्रा की बातचीत का हिस्सा बनाने में भारी हिचकिचाहट देखी जाती है।
चंदन कुमार के इस क्लासरूम डेमोंस्ट्रेशन ने एक बार फिर से इस जरूरी सवाल को हवा दे दी है कि क्या अब समय आ गया है जब हमें स्कूलों में प्रजनन स्वास्थ्य और सेक्स एजुकेशन पर बिना किसी शर्म या झिझक के खुलकर बात करनी चाहिए?