जयपुर: अगर आप आज राजस्थान में कहीं घूमने या काम से बाहर निकलने का मन बना रहे हैं, तो जरा संभल जाइए! प्रदेश में कुदरत का मिजाज ऐसा बदला है कि कई इलाकों में पानी ही पानी नजर आ रहा है। बादलों की ऐसी गड़गड़ाहट और झमाझम बारिश शुरू हुई है कि जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। मौसम विभाग ने एक साथ 26 जिलों में अलर्ट जारी कर लोगों को सावधान रहने की हिदायत दी है।

कहाँ टूटा बारिश का रिकॉर्ड?

बीते 24 घंटों में दक्षिण राजस्थान के इलाकों में कुदरत का सबसे रौद्र रूप देखने को मिला:

  • बांसवाड़ा का कुशलगढ़: यहाँ सबसे ज्यादा 60 मिलीमीटर पानी बरसा, जिससे पूरा इलाका जलमग्न हो गया।

  • उदयपुर का सलूंबर: यहाँ भी 57 मिलीमीटर बारिश ने लोगों के पसीने छुड़ा दिए और निचले इलाकों में पानी भर गया।

इसके अलावा जालोर, सिरोही और पाली में भी आज मूसलाधार बारिश का सबसे ज्यादा खतरा मंडरा रहा है। वहीं जयपुर, भरतपुर और बीकानेर की तरफ हल्की से मध्यम बौछारें पड़ने के आसार हैं। जैसलमेर और बाड़मेर में बारिश से पारा जरूर गिरा है, लेकिन बादलों के बीच जलती उमस ने लोगों का जीना मुहाल कर रखा है।

मौसम में आने वाला है बड़ा बदलाव!

बारिश का यह रौद्र रूप देखकर अगर आप डर रहे हैं, तो आपके लिए एक राहत की खबर भी है। मौसम वैज्ञानिकों की मानें तो यह मूसलाधार बारिश अब ज्यादा दिन नहीं टिकेगी। कल यानी सोमवार से मानसून की दिशा बदलने वाली है। बारिश लाने वाली हवाएं (मानसून ट्रफ) अब उत्तर भारत की तरफ खिसक रही हैं। इसका सीधा मतलब यह है कि कोटा, जोधपुर, अजमेर और उदयपुर संभाग में कल से आसमान साफ होने लगेगा और बारिश की रफ्तार थम जाएगी।

क्या यह सिर्फ तूफान से पहले की खामोशी है?

कल से भले ही आसमान साफ हो जाए और कड़क धूप निकल आए, लेकिन मौसम के इस अचानक यू-टर्न ने हर किसी को उलझन में डाल दिया है। क्या मानसून का उत्तर की तरफ चले जाना राजस्थान को भयंकर उमस और गर्मी की तरफ धकेलेगा? या फिर यह थमना महज़ एक छलावा है और अगस्त के दूसरे हफ्ते में कुदरत किसी और बड़े मानसूनी सिस्टम के साथ वापसी करने वाली है? फिलहाल, मौसम का अगला कदम क्या होगा यह तो आने वाला वक्त ही बताएगा, लेकिन अगले 24 घंटे आपके लिए भारी हो सकते हैं—इसलिए सुरक्षित रहें और सावधान रहें!