राजस्थान में थमने वाला है मानसून... या बड़ा धमाका बाकी है?
राजस्थान में मानसून का रौद्र रूप देखने को मिल रहा है, जहाँ बांसवाड़ा के कुशलगढ़ (60 मिमी) और उदयपुर के सलूंबर (57 मिमी) में हुई रिकॉर्डतोड़ बारिश ने भारी तबाही मचाई है। मौसम विभाग ने जालोर, पाली और सिरोही समेत 26 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है, वहीं जयपुर और भरतपुर में हल्की फुहारें जारी हैं। हालांकि, 3 अगस्त से मानसून ट्रफ के उत्तर भारत की ओर खिसकने से प्रदेश में बारिश की रफ्तार थमने और मौसम साफ होने के आसार हैं—लेकिन सवाल यह उठता है कि क्या यह अचानक आया बदलाव सिर्फ तूफान से पहले की खामोशी है या अगस्त के दूसरे हफ्ते में कुदरत का कोई और बड़ा धमाका होना अभी बाकी है?
जयपुर: अगर आप आज राजस्थान में कहीं घूमने या काम से बाहर निकलने का मन बना रहे हैं, तो जरा संभल जाइए! प्रदेश में कुदरत का मिजाज ऐसा बदला है कि कई इलाकों में पानी ही पानी नजर आ रहा है। बादलों की ऐसी गड़गड़ाहट और झमाझम बारिश शुरू हुई है कि जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। मौसम विभाग ने एक साथ 26 जिलों में अलर्ट जारी कर लोगों को सावधान रहने की हिदायत दी है।
कहाँ टूटा बारिश का रिकॉर्ड?
बीते 24 घंटों में दक्षिण राजस्थान के इलाकों में कुदरत का सबसे रौद्र रूप देखने को मिला:
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बांसवाड़ा का कुशलगढ़: यहाँ सबसे ज्यादा 60 मिलीमीटर पानी बरसा, जिससे पूरा इलाका जलमग्न हो गया।