बीकानेर। राजस्थान के बीकानेर जिले के रणजीतपुरा गांव से इंसानियत को झकझोर देने वाला मामला सामने आया है। यहां जन्म के कुछ घंटे बाद ही एक नवजात बच्चे को जंगल में स्थित एक खंडहर में लावारिस हालत में छोड़ दिया गया। बच्चे के चेहरे और हाथों पर चींटियां काट रही थीं। उसकी रोने की आवाज सुनकर वहां से गुजर रहे ग्रामीण मौके पर पहुंचे और तत्काल स्वास्थ्य विभाग को सूचना दी। समय रहते बच्चे को सुरक्षित अस्पताल पहुंचा दिया गया, जहां उसकी हालत फिलहाल स्थिर और स्वस्थ बताई जा रही है।

यह घटना शुक्रवार सुबह करीब 6:30 बजे की है। ग्रामीणों ने बताया कि वे रास्ते से गुजर रहे थे, तभी झाड़ियों के बीच बने एक खंडहर से किसी बच्चे के रोने की आवाज सुनाई दी। पास जाकर देखा तो एक नवजात कपड़े में लिपटा हुआ पड़ा था और उसके शरीर पर बड़ी संख्या में चींटियां चल रही थीं। इसके बाद ग्रामीण तुरंत रणजीतपुरा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचे और वहां मौजूद स्टाफ को पूरी जानकारी दी।

ANM ने मौके पर पहुंचकर बच्चे को बचाया

प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में कार्यरत एएनएम मधु श्रीवास्तव ने बताया कि सूचना मिलते ही वह कपड़ा लेकर मौके पर पहुंचीं और सावधानीपूर्वक नवजात को उठाकर अस्पताल लेकर आईं। अस्पताल में बच्चे को साफ किया गया, उसके शरीर से चींटियां हटाई गईं और प्राथमिक उपचार के बाद उसे दूध पिलाया गया। डॉक्टरों ने बच्चे की पूरी जांच की।

शरीर पर मिले चोट के निशान

डॉक्टरों के अनुसार नवजात का वजन करीब ढाई किलोग्राम है और उसकी स्वास्थ्य स्थिति फिलहाल सामान्य है। हालांकि उसके शरीर पर हल्की चोट के निशान पाए गए हैं। चेहरे, हाथों और शरीर के अन्य हिस्सों पर चींटियों के काटने के निशान भी मिले हैं। प्रारंभिक जांच में आशंका जताई जा रही है कि बच्चे को जन्म के तुरंत बाद ही खंडहर में छोड़ दिया गया था।

परिजनों की तलाश में जुटी पुलिस

घटना की सूचना मिलने के बाद बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर एकत्र हो गए। फिलहाल यह पता नहीं चल सका है कि नवजात को वहां कौन छोड़कर गया। रणजीतपुरा पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस आसपास के लोगों से पूछताछ कर रही है और क्षेत्र में जानकारी जुटाकर बच्चे के माता-पिता या परिजनों का पता लगाने का प्रयास कर रही है।

फिलहाल नवजात की देखभाल प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के नर्सिंग स्टाफ की निगरानी में की जा रही है। पुलिस का कहना है कि मामले की हर पहलू से जांच की जा रही है और बच्चे को खंडहर में छोड़ने वाले जिम्मेदार लोगों की पहचान कर उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।