राजस्थान में दक्षिण-पश्चिम मानसून की रफ्तार फिलहाल धीमी पड़ गई है। जयपुर मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार अगले एक सप्ताह तक राज्य के अधिकांश हिस्सों में मौसम मुख्य रूप से शुष्क रहने की संभावना है। इस दौरान कहीं भी व्यापक या अच्छी बारिश के संकेत नहीं हैं। हालांकि कुछ इलाकों में हल्की बारिश और तेज हवाएं चल सकती हैं।

पिछले 24 घंटे में कैसा रहा मौसम?

मौसम विभाग के मुताबिक पिछले 24 घंटों के दौरान राजस्थान के अधिकांश क्षेत्रों में मौसम शुष्क रहा। पश्चिमी राजस्थान के कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई। सबसे अधिक 37 मिमी बारिश हनुमानगढ़ जिले के टिब्बी में रिकॉर्ड की गई।

वहीं राज्य का सर्वाधिक अधिकतम तापमान 41.5 डिग्री सेल्सियस श्रीगंगानगर में दर्ज किया गया, जबकि सबसे कम न्यूनतम तापमान 21 डिग्री सेल्सियस सिरोही में रिकॉर्ड हुआ।

अलवर में बारिश से मिली राहत

अलवर शहर और आसपास के इलाकों में दोपहर बाद मौसम ने अचानक करवट ली। घने बादल, ठंडी हवाओं और हल्की बारिश से लोगों को कई दिनों से जारी उमस और गर्मी से राहत मिली। सुबह तेज धूप और हवा नहीं चलने से लोग गर्मी से परेशान रहे, लेकिन दोपहर बाद मौसम सुहावना हो गया। किसानों को भी उम्मीद है कि यह बारिश खरीफ फसलों के लिए फायदेमंद साबित होगी।

इन इलाकों में हल्की बारिश की संभावना

आईएमडी के अनुसार, अगले सात दिनों तक पश्चिमी राजस्थान के जोधपुर और बीकानेर संभाग के अधिकांश जिलों में मौसम शुष्क रहेगा। वहीं पूर्वी राजस्थान में भी अगले पांच से छह दिनों तक बारिश की संभावना कम है।

हालांकि कुछ क्षेत्रों में हल्की बारिश हो सकती है—

  • बीकानेर, श्रीगंगानगर, हनुमानगढ़, चूरू और आसपास के इलाकों में हल्की बारिश की संभावना।
  • उदयपुर संभाग के कुछ क्षेत्रों में भी हल्की बारिश के आसार।
  • जोधपुर और बीकानेर संभाग में अगले दो-तीन दिनों तक 30 से 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से धूल भरी तेज हवाएं चल सकती हैं।

20 जुलाई के बाद फिर सक्रिय हो सकता है मानसून

जयपुर मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार, 20 जुलाई के आसपास बंगाल की खाड़ी में कम दबाव का नया क्षेत्र (Low Pressure Area) बनने की संभावना है। यदि यह सिस्टम मजबूत होकर राजस्थान की ओर बढ़ता है, तो राज्य में मानसून दोबारा सक्रिय हो सकता है और कई जिलों में अच्छी बारिश देखने को मिल सकती है।

बारिश बढ़ने से जहां लोगों को गर्मी और उमस से राहत मिलेगी, वहीं खरीफ की फसलों को भी बड़ा लाभ मिलने की उम्मीद है।