काबुल: अफगानिस्तान और पाकिस्तान के बीच सीमा पर चल रहा तनाव अब एक बेहद खतरनाक मोड़ पर पहुंच गया है। बुधवार को अफगानिस्तान की तालिबान सरकार ने आरोप लगाया कि पाकिस्तानी वायुसेना ने उनके देश की सीमा में घुसकर भीषण हवाई हमले किए हैं। इस हमले में कम से कम 13 बेगुनाह लोगों की मौत हो गई है, जिनमें सबसे ज्यादा संख्या बच्चों की है।
आम नागरिकों के घरों पर गिराए बम
तालिबान सरकार के मुख्य प्रवक्ता ज़बीहुल्लाह मुजाहिद ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' (पहले ट्विटर) पर इस घटना की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि यह हमला मंगलवार की रात अफगानिस्तान के तीन प्रांतों—खोस्त, कुनार और पक्तिका में हुआ।
मुजाहिद ने पाकिस्तानी सेना की इस कार्रवाई को 'मानवीय अपराध' बताते हुए कहा:
पाकिस्तान की चुप्पी और बढ़ता क्षेत्रीय तनाव
फिलहाल पाकिस्तान सरकार या उसकी सेना ने इन हमलों की जिम्मेदारी नहीं ली है और न ही इस पर कोई आधिकारिक बयान जारी किया है।
यह हमला ऐसे समय में हुआ है जब पूरे इलाके में पहले से ही भारी अशांति है। एक तरफ जहां मिडिल ईस्ट में अमेरिका और ईरान के बीच दुश्मनी दोबारा बढ़ रही है, वहीं दूसरी तरफ पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) में भी हिंसक विरोध प्रदर्शन चल रहे हैं।
क्यों भिड़े हैं दोनों देश?
अफगानिस्तान और पाकिस्तान के बीच पिछले कई महीनों से सीमा पर झड़पें चल रही हैं। इस साल फरवरी के आखिर में भी पाकिस्तान ने हवाई हमले किए थे, जिसके जवाब में तालिबान ने भी पलटवार किया था। इन झड़पों में अब तक सैकड़ों लोग मारे जा चुके हैं। दोनों देशों के बीच कई बार सीजफायर (युद्धविराम) हुआ, लेकिन वह ज्यादा दिनों तक टिक नहीं पाया।
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पाकिस्तान का आरोप: इस्लामाबाद का दावा है कि अफगानिस्तान की तालिबान सरकार अपने यहाँ 'तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान' (TTP) जैसे खूंखार आतंकी संगठनों को पनाह देती है, जो पाकिस्तान के अंदर घुसकर हमले करते हैं।
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अफगानिस्तान का रुख: तालिबान इन आरोपों को खारिज करता रहा है और इसे पाकिस्तान की अपनी सुरक्षा नाकामी बताता है।
इस ताजा हमले के बाद दोनों पड़ोसी मुल्कों के बीच युद्ध जैसी स्थिति और गंभीर हो गई है।