लीड्स टेस्ट के दूसरे दिन भारतीय विकेटकीपर बल्लेबाज ऋषभ पंत ने शानदार शतक लगाकर नया रिकॉर्ड बनाया। उन्होंने सिक्स के साथ अपनी सेंचुरी पूरी की और जंप करके उत्साहपूर्ण अंदाज में सेलिब्रेशन किया। इस शतक के साथ पंत टेस्ट क्रिकेट में सबसे ज्यादा शतक लगाने वाले भारतीय विकेटकीपर बन गए, जिन्होंने पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी को पीछे छोड़ दिया। पंत के नाम अब 7 टेस्ट शतक हो गए हैं, जबकि धोनी ने अपने करियर में 6 शतक बनाए थे।

शुरुआती जीवन और क्रिकेट की शुरुआत

ऋषभ पंत का जन्म 4 अक्टूबर 1997 को उत्तराखंड के रुड़की में हुआ। उनके पिता राजेंद्र पंत और मां सरोज पंत हैं, जबकि उनकी बड़ी बहन साक्षी पंत भी हैं। मात्र 12 साल की उम्र में पंत अपनी मां के साथ वीकेंड पर दिल्ली आया करते थे, ताकि सोनेट क्रिकेट एकेडमी में कोच तारक सिन्हा से प्रशिक्षण ले सकें। इस दौरान वे मोती बाग के गुरुद्वारे में ठहरते थे।

पंत के करियर का टर्निंग पॉइंट दिल्ली की ओर से असम के खिलाफ अंडर-19 मैच में आया। पहली पारी में 35 रन बनाकर टॉप स्कोरर रहे पंत ने दूसरी पारी में 150 रनों की शानदार पारी खेली। इसके बाद फरवरी 2016 में अंडर-19 वर्ल्ड कप के दौरान नेपाल के खिलाफ उन्होंने 18 गेंदों में अर्धशतक जड़कर सुर्खियां बटोरीं।

धोनी के बाद भारतीय टीम में जगह

2019-20 में महेंद्र सिंह धोनी के संन्यास के बाद भारतीय टीम को नए विकेटकीपर की तलाश थी। ऋषभ पंत इस रोल के लिए पहली पसंद बने, लेकिन शुरुआती खराब प्रदर्शन ने उनके करियर में बाधाएं खड़ी कीं। इस दौरान केएल राहुल भी विकेटकीपर के रूप में उभरे। आईपीएल में भी पंत का प्रदर्शन कमजोर रहा, जिसके चलते उनकी लगातार आलोचना हुई। मीडिया ने उन्हें टीम की हार का जिम्मेदार ठहराया, और क्रिकेट प्रशंसक धोनी से उनकी तुलना करते थे। कई बार मैदान पर पंत के बल्लेबाजी के लिए उतरते ही दर्शक "धोनी-धोनी" के नारे लगाने लगते थे।

भीषण कार दुर्घटना और वापसी

पंत के जीवन का सबसे मुश्किल दौर तब आया, जब उनकी कार (Mercedes-AMG GLE43 Coupe) हरिद्वार के मंगलौर में डिवाइडर से टकराकर पलट गई और उसमें आग लग गई। यह हादसा सुबह 5:20 बजे हुआ, जब ड्राइवर को थकान के कारण नींद आ गई। पंत ने गाड़ी का शीशा तोड़कर खुद को बाहर निकाला, लेकिन तब तक कार जलकर क्षतिग्रस्त हो चुकी थी।

इस हादसे में पंत को सिर पर दो कट, पीठ और पैर में चोटें, दाहिने घुटने का लिगामेंट टूटना, दाहिनी कलाई, एंकल और पैर में चोटें आईं। उनके चेहरे और सिर की प्लास्टिक सर्जरी की गई। दो हीरो ड्राइवरों, सुशील कुमार और परमजीत सिंह ने उन्हें गाड़ी से निकालकर एम्बुलेंस तक पहुंचाया, जिन्हें बाद में सम्मानित किया गया।

गंभीर चोटों के कारण पंत को 16 से 18 महीने तक क्रिकेट से दूर रहना पड़ा। उन्होंने मार्च 2024 में आईपीएल 2024 के जरिए क्रिकेट में शानदार वापसी की।

लीड्स में रिकॉर्डतोड़ प्रदर्शन

लीड्स टेस्ट में पंत ने न केवल शतक जड़ा, बल्कि अपनी आक्रामक बल्लेबाजी से भारतीय प्रशंसकों का दिल जीत लिया। उनके इस प्रदर्शन ने साबित कर दिया कि वे न केवल एक शानदार विकेटकीपर हैं, बल्कि दबाव में भी बड़े रन बना सकते हैं। पंत की यह उपलब्धि भारतीय क्रिकेट के लिए गर्व का क्षण है, और यह दर्शाता है कि वे धोनी की विरासत को नई ऊंचाइयों तक ले जा रहे हैं।