जयपुर। राजधानी जयपुर से जुड़ा एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जिसमें आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा से जुड़े एक संदिग्ध ने पहचान छिपाकर शादी (निकाह) करने के बाद फर्जी दस्तावेजों के जरिए देश से फरार होने की साजिश को अंजाम दिया। सुरक्षा एजेंसियों की शुरुआती जांच में यह खुलासा हुआ है कि आरोपी ने अपनी असली पहचान छुपाकर नई पहचान बनाई और उसी आधार पर पासपोर्ट हासिल किया।
फर्जी पहचान बनाकर रचाई शादी
जांच एजेंसियों के मुताबिक, आरोपी ने जयपुर में एक नई पहचान के साथ रहना शुरू किया। इसी दौरान उसने स्थानीय स्तर पर दस्तावेज तैयार करवाए और उसी पहचान के आधार पर निकाह किया। बताया जा रहा है कि शादी के लिए इस्तेमाल किए गए सभी कागजात संदिग्ध हैं और उनकी वैधता की जांच जारी है।
फर्जी दस्तावेजों से बनवाया पासपोर्ट
प्राथमिक जानकारी के अनुसार, आरोपी ने नकली पहचान के जरिए भारतीय पासपोर्ट बनवाने में सफलता हासिल कर ली। पासपोर्ट बनवाने के लिए इस्तेमाल किए गए दस्तावेजों में हेरफेर की आशंका है। इस पूरे मामले में स्थानीय प्रशासन और पासपोर्ट सत्यापन प्रक्रिया पर भी सवाल उठ रहे हैं।
देश छोड़कर सऊदी अरब पहुंचा
पासपोर्ट मिलने के बाद आरोपी देश छोड़कर सऊदी अरब भाग गया, जहां उसने छिपने के लिए ठिकाना बना लिया। एजेंसियों को इनपुट मिला है कि वह वहां किसी नेटवर्क की मदद से रह रहा है। अब उसके प्रत्यर्पण (एक्सट्राडिशन) की संभावनाओं पर भी विचार किया जा रहा है।
सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट, जांच तेज
मामले के सामने आने के बाद खुफिया एजेंसियां और पुलिस सक्रिय हो गई हैं। यह जांच की जा रही है कि आरोपी को स्थानीय स्तर पर किसने मदद दी, और क्या इस नेटवर्क में और लोग भी शामिल हैं। साथ ही यह भी पता लगाया जा रहा है कि कहीं यह मामला किसी बड़े आतंकी मॉड्यूल से जुड़ा तो नहीं है।
प्रशासन पर उठे सवाल
इस घटना ने दस्तावेज सत्यापन और पासपोर्ट जारी करने की प्रक्रिया पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। अधिकारियों का कहना है कि यदि किसी स्तर पर लापरवाही पाई गई, तो संबंधित लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
जयपुर में फर्जी पहचान के सहारे शादी और फिर देश से फरार होने का यह मामला सुरक्षा व्यवस्था के लिए बड़ी चुनौती बनकर उभरा है। जांच एजेंसियां हर पहलू से मामले की पड़ताल कर रही हैं ताकि पूरे नेटवर्क का खुलासा किया जा सके।