राजस्थान में आगामी निकाय चुनावों को शांतिपूर्ण और निष्पक्ष तरीके से संपन्न कराने के लिए प्रशासन ने सख्त कदम उठाए हैं। प्रदेश के 309 निकायों में होने वाले चुनाव के मद्देनजर आबकारी विभाग ने शराब की बिक्री पर पूर्ण रूप से रोक लगाने का आदेश जारी किया है। चुनाव के दोनों चरणों में मतदान प्रक्रिया समाप्त होने से 48 घंटे पहले 'ड्राई डे' (Dry Day) लागू कर दिया जाएगा। इस दौरान शराब की सभी दुकानें पूरी तरह से बंद रहेंगी।

पहले चरण का चुनाव: 7 सितंबर शाम से शुरू होगा ड्राई डे

निकाय चुनाव के पहले चरण की वोटिंग 9 सितंबर को संपन्न होनी है। आबकारी विभाग के आदेशानुसार, पहले चरण वाले क्षेत्रों में मतदान से 48 घंटे पहले यानी 7 सितंबर की शाम 6 बजे से शराब की बिक्री पर प्रतिबंध लग जाएगा। यह रोक 9 सितंबर शाम 6 बजे (मतदान समाप्ति) तक लगातार जारी रहेगी। इन 48 घंटों में किसी भी शराब की दुकान, बार या होटल में शराब परोसने या बेचने की अनुमति नहीं होगी।

दूसरे चरण का चुनाव: 9 से 11 सितंबर तक रहेगी रोक

जिन निकायों में दूसरे चरण के तहत मतदान होना है, वहां 11 सितंबर को वोट डाले जाएंगे। इन क्षेत्रों के लिए 'ड्राई डे' की अवधि 9 सितंबर की शाम 6 बजे से शुरू होगी और यह 11 सितंबर शाम 6 बजे तक प्रभावी रहेगी। प्रशासन ने साफ कर दिया है कि तय समय सीमा के दौरान संबंधित निर्वाचन क्षेत्रों में शराब की दुकानें पूरी तरह से बंद रखी जाएंगी।

आदेश की मुख्य बातें एक नज़र में:

  • कुल निकाय: प्रदेश के 309 निकायों में चुनाव को लेकर आदेश जारी।

  • ड्राई डे की अवधि: दोनों चरणों में मतदान से ठीक 48 घंटे पहले शराब की बिक्री बंद।

  • पहला चरण (9 सितंबर): 7 सितंबर शाम 6 बजे से 9 सितंबर शाम 6 बजे तक शराब बंदी।

  • दूसरा चरण (11 सितंबर): 9 सितंबर शाम 6 बजे से 11 सितंबर शाम 6 बजे तक शराब बंदी।

नियमों का उल्लंघन करने पर होगी सख्त कार्रवाई

आबकारी विभाग और चुनाव आयोग की ओर से सभी जिला निर्वाचन अधिकारियों और पुलिस प्रशासन को इन आदेशों की सख्ती से पालना कराने के निर्देश दिए गए हैं। तय समय के दौरान यदि कोई भी व्यक्ति या दुकानदार शराब की अवैध रूप से बिक्री करता या परोसता हुआ पाया जाता है, तो उसके खिलाफ नियमानुसार सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी और लाइसेंस भी रद्द किया जा सकता है। यह फैसला चुनाव प्रक्रिया को शराब और धन के प्रभाव से मुक्त रखने के उद्देश्य से लिया गया है।