राजस्थान निकाय चुनाव के बीच कोटपूतली-बहरोड़ जिले से एक बड़ी खबर सामने आई है। प्रागपुरा नगर पालिका के वार्ड नंबर 32 से 1 सितंबर से लापता भाजपा पार्षद प्रत्याशी बुधराम चौधरी को पुलिस ने सकुशल ढूंढ निकाला है। उन्हें दिल्ली के धौला कुआं इलाके से दस्तयाब किया गया है। हालांकि, पुलिस इसे 'अपनी मर्जी से जाना' बता रही है, लेकिन परिवार ने पुलिस की इस जांच पर गहरे संदेह जताए हैं।
लगातार लोकेशन बदल रहे थे प्रत्याशी, अपहरण की पुष्टि नहीं
प्रागपुरा थाना प्रभारी (SHO) भजनाराम के मुताबिक, गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज होने के बाद पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए 5 अलग-अलग टीमों का गठन किया था। पुलिस टीमों ने सीसीटीवी फुटेज और साइबर सेल की मदद से तलाश शुरू की। जांच में सामने आया कि लापता होने के बाद से ही बुधराम चौधरी लगातार अपनी लोकेशन बदल रहे थे। उनकी लोकेशन कभी बहरोड़, कभी कोटपूतली, कभी अलवर तो कभी दिल्ली ट्रेस हुई। पुलिस का स्पष्ट कहना है कि शुरुआती जांच में किसी भी प्रकार के अपहरण या दबाव का मामला सामने नहीं आया है। फिलहाल प्रत्याशी को सकुशल बरामद कर लिया गया है, हालांकि उनका स्वास्थ्य थोड़ा नासाज बताया जा रहा है।
बेटे राहुल चौधरी ने पूछा- मर्जी से आखिर कोई क्यों जाएगा?
एक तरफ पुलिस इसे स्वेच्छा से घर छोड़ना बता रही है, तो दूसरी तरफ बुधराम के बेटे राहुल चौधरी ने पुलिस की इस कार्रवाई और दावों पर गहरा असंतोष व्यक्त किया है। राहुल का सीधा सवाल है कि निकाय चुनाव के बीच चुनाव लड़ रहा कोई भी प्रत्याशी अपनी मर्जी से अचानक गायब क्यों होगा? परिवार ने इस पूरे मामले की गहनता और निष्पक्षता से जांच की मांग की है।
48 घंटे सुराग नहीं मिलने पर गरमाई थी सियासत, कांग्रेस ने दिया था धरना
भाजपा प्रत्याशी के अचानक गायब होने से इलाके का सियासी पारा भी काफी चढ़ गया था। 48 घंटे से अधिक समय तक जब उनका कोई सुराग नहीं मिला, तो प्रतिद्वंदी पार्टी ने भी मोर्चा खोल दिया। वार्ड 32 से कांग्रेस प्रत्याशी कमलेश देवी अपने पति मेहर सिंह और बेटे के साथ प्रागपुरा थाने में धरने पर बैठ गई थीं। इसके अलावा, कांग्रेस के जिलाध्यक्ष और पूर्व विधायक इंद्राज गुर्जर ने भी थाने पहुंचकर पुलिस से जल्द से जल्द भाजपा प्रत्याशी को सुरक्षित तलाशने की मांग की थी।
बुधराम चौधरी के सकुशल मिल जाने के बाद पुलिस अब इस पूरे घटनाक्रम को लेकर उनसे पूछताछ कर रही है। पुलिस के अनुसार, अभी तक अपहरण की पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन बुधराम के विस्तृत बयान दर्ज होने के बाद ही यह साफ हो पाएगा कि उनके अचानक चुनाव के बीच लापता होने की असली वजह क्या थी।