राजस्थान की नौकरशाही में इन दिनों सबसे बड़ी चर्चा मुख्य सचिव (Chief Secretary) के पद को लेकर है। मौजूदा मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास 31 अगस्त 2026 को सेवानिवृत्त होने वाले हैं, लेकिन उससे पहले उनके कार्यकाल को एक साल बढ़ाने की तैयारी तेज हो गई है। यदि केंद्र सरकार इस प्रस्ताव को मंजूरी दे देती है तो राज्य को नया मुख्य सचिव मिलने का इंतजार फिलहाल एक साल और बढ़ सकता है।

सूत्रों के मुताबिक, राजस्थान सरकार ने 24 जुलाई को केंद्र सरकार के कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग (DoPT) को वी. श्रीनिवास के सेवा विस्तार का प्रस्ताव भेजा है। बताया जा रहा है कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा भी इस प्रस्ताव के पक्ष में हैं। 1989 बैच के आईएएस अधिकारी वी. श्रीनिवास ने 17 नवंबर 2025 को राजस्थान के मुख्य सचिव का पद संभाला था और इससे पहले वे केंद्र सरकार में कई अहम जिम्मेदारियां निभा चुके हैं।

सरकार के इस फैसले के पीछे कई वजहें मानी जा रही हैं। आने वाले समय में पंचायती राज और नगरीय निकाय चुनाव होने हैं। इसके अलावा 'राइजिंग राजस्थान' ग्लोबल इन्वेस्टमेंट समिट में हुए 35 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा के निवेश समझौतों को धरातल पर उतारने के लिए सरकार प्रशासनिक निरंतरता बनाए रखना चाहती है। यही कारण है कि अनुभवी अधिकारी को फिलहाल पद पर बनाए रखने की कोशिश की जा रही है।

अब इस प्रस्ताव पर अंतिम फैसला केंद्र सरकार करेगी। पहले यह मामला DoPT के पास जाएगा, फिर अपॉइंटमेंट्स कमेटी ऑफ कैबिनेट (ACC) में रखा जाएगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मंजूरी मिलने के बाद ही सेवा विस्तार का आधिकारिक आदेश जारी होगा।

अगर वी. श्रीनिवास को एक साल का एक्सटेंशन मिल जाता है तो मुख्य सचिव बनने की दौड़ में शामिल कई वरिष्ठ आईएएस अधिकारियों का इंतजार बढ़ जाएगा। 1992 बैच के अभय कुमार को सबसे मजबूत दावेदार माना जा रहा है। वहीं केंद्र सरकार में सचिव के रूप में कार्यरत रजत कुमार मिश्रा और मुख्यमंत्री के अतिरिक्त मुख्य सचिव अखिल अरोड़ा के नाम भी चर्चा में हैं। इसके अलावा अपर्णा अरोड़ा, शिखर अग्रवाल और तन्मय कुमार को भी संभावित दावेदारों में गिना जा रहा है।

हालांकि राजस्थान में मुख्य सचिव को सेवा विस्तार मिलने का यह पहला मामला नहीं होगा। इससे पहले कांग्रेस सरकार के दौरान तत्कालीन मुख्य सचिव उषा शर्मा को भी केंद्र सरकार ने छह महीने का सेवा विस्तार दिया था।

अब सबकी नजर दिल्ली पर टिकी है। अगर केंद्र सरकार प्रस्ताव को मंजूरी देती है तो वी. श्रीनिवास एक और साल तक राजस्थान के मुख्य सचिव बने रहेंगे। लेकिन अगर मंजूरी नहीं मिलती, तो राज्य को नया मुख्य सचिव मिलेगा और राजस्थान की नौकरशाही में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। फिलहाल फैसला केंद्र सरकार के हाथ में है और प्रशासनिक गलियारों में इसी का इंतजार किया जा रहा है।