जयपुर। राजस्थान में प्रस्तावित निकाय और पंचायतीराज चुनावों से पहले राज्य निर्वाचन आयोग ने चुनावी तैयारियों को गति दे दी है। आयोग ने स्वतंत्र, निष्पक्ष और पारदर्शी चुनाव सुनिश्चित करने के लिए चुनावी ड्यूटी से जुड़े अधिकारियों के तबादलों के निर्देश जारी किए हैं।

आयोग के आदेश के अनुसार 15 अगस्त 2026 तक चुनाव से जुड़े अधिकारियों के स्थानांतरण की प्रक्रिया पूरी करनी होगी। जिन अधिकारियों की एक ही जिले में तीन वर्ष या उससे अधिक समय से तैनाती है, उन्हें वहां से हटाया जाएगा। इसके लिए 30 नवंबर 2026 को कट-ऑff डेट निर्धारित की गई है।

निर्देशों के मुताबिक कोई भी चुनावी अधिकारी अपने गृह जिले, गृह नगरीय क्षेत्र या गृह पंचायत समिति में तैनात नहीं रहेगा। इसका उद्देश्य चुनाव प्रक्रिया को पूरी तरह निष्पक्ष बनाए रखना है।

आयोग के आदेश के दायरे में कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक (SP), अतिरिक्त जिला कलेक्टर (ADM), अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (ASP), उपखंड अधिकारी (SDM), तहसीलदार, नायब तहसीलदार, थानाधिकारी, पुलिस उपनिरीक्षक (SI) और आबकारी निरीक्षक सहित कई प्रशासनिक एवं पुलिस अधिकारी शामिल हैं। यह आदेश जयपुर और जोधपुर पुलिस कमिश्नरेट पर भी लागू होगा।

निर्वाचन आयोग ने यह भी स्पष्ट किया है कि चुनाव कार्यक्रम घोषित होने के बाद चुनावी कार्य से जुड़े अधिकारियों और कर्मचारियों के तबादलों पर रोक लग जाएगी। यदि किसी विशेष परिस्थिति में स्थानांतरण आवश्यक होगा, तो इसके लिए राज्य निर्वाचन आयोग की पूर्व अनुमति अनिवार्य होगी।

इसके अलावा, जिन अधिकारियों पर पूर्व में चुनावी ड्यूटी के दौरान लापरवाही या नियमों के उल्लंघन के आरोप लगे हैं, उन्हें इस बार महत्वपूर्ण चुनावी जिम्मेदारियां नहीं दी जाएंगी।

राज्य निर्वाचन आयोग का कहना है कि इन निर्देशों का उद्देश्य चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता बनाए रखना और मतदाताओं का विश्वास मजबूत करना है। अब नजर इस बात पर रहेगी कि तबादलों की सूची कब जारी होती है और निकाय एवं पंचायतीराज चुनावों की आधिकारिक घोषणा कब की जाती है।