राजस्थान में स्थानीय निकाय चुनावों के दूसरे और अंतिम चरण का रण सज चुका है। शुक्रवार सुबह 7 बजे से राज्य के 147 नगरीय निकायों के 4,774 वार्डों में मतदान प्रक्रिया शांतिपूर्ण ढंग से शुरू हो गई है, जो शाम 6 बजे तक चलेगी। पहले चरण में 76.41% के बंपर मतदान के बाद, दूसरे चरण में भी वोटरों का भारी उत्साह देखने को मिल रहा है। सुबह से ही पोलिंग बूथों पर युवाओं, महिलाओं और बुजुर्गों की लंबी कतारें नजर आ रही हैं।
इस अंतिम चरण में कुल 87 लाख 60 हजार 884 मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग कर रहे हैं, जो 18,266 प्रत्याशियों के राजनीतिक भविष्य का फैसला ईवीएम में कैद करेंगे। चुनाव के नतीजे 14 सितंबर को घोषित किए जाएंगे।
6 बड़े नगर निगमों सहित सीमावर्ती जिलों में कड़ी सुरक्षा
निष्पक्ष और भयमुक्त चुनाव सुनिश्चित करने के लिए राज्य निर्वाचन आयोग ने चाक-चौबंद व्यवस्था की है। जयपुर, जोधपुर, कोटा, बीकानेर, उदयपुर और अजमेर जैसे 6 प्रमुख नगर निगमों के अति संवेदनशील बूथों पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है। फर्जी वोटिंग रोकने के लिए बायोमेट्रिक जांच की जा रही है और सुरक्षा के लिहाज से ड्रोन व सीसीटीवी कैमरों से चप्पे-चप्पे पर नजर रखी जा रही है। विशेषकर श्रीगंगानगर, हनुमानगढ़, बाड़मेर और जैसलमेर जैसे सीमावर्ती जिलों में अतिरिक्त सतर्कता बरती जा रही है। चुनाव आयोग ने किसी भी तकनीकी गड़बड़ी से निपटने के लिए जयपुर मुख्यालय में एक विशेष कंट्रोल रूम भी स्थापित किया है।
हॉट सीट्स और निर्दलियों ने फंसाया पेंच
इस बार के चुनाव में कई जगह निर्दलीय प्रत्याशियों ने मुकाबले को त्रिकोणीय और बेहद दिलचस्प बना दिया है। परिणाम आने के बाद बोर्ड गठन में इन निर्दलियों की भूमिका 'किंगमेकर' की हो सकती है। सबसे ज्यादा चर्चा जयपुर नगर निगम के सांगानेर स्थित वार्ड 49 की है। यहाँ मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के करीबी माने जाने वाले भाजपा प्रत्याशी मुकेश शर्मा 'काका' और कांग्रेस के दिग्गज नेता धर्मसिंह सिंघानिया के बीच कांटे की टक्कर है। वहीं, बाड़मेर के चौहटन में पहली बार नगर पालिका चुनाव हो रहे हैं, जहाँ विधायक आदूराम मेघवाल ने पहला वोट डालकर इतिहास रचा।
दिग्गजों ने निभाया फर्ज: 'पहले मतदान, फिर जलपान'
प्रदेश के तमाम बड़े नेताओं और आला अधिकारियों ने सुबह-सुबह अपने मताधिकार का प्रयोग कर आमजन को जागरूक किया:
-
मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री: मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा (जगतपुरा), उपमुख्यमंत्री दीया कुमारी (सिटी पैलेस, वार्ड 141) और कैबिनेट मंत्री राज्यवर्धन सिंह राठौड़ ने सुबह मतदान किया। दीया कुमारी ने आमजन से बेझिझक वोट डालने की अपील की।
-
पूर्व सीएम और अध्यक्ष: पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने जोधपुर में, जबकि भाजपा के पूर्व प्रदेशाध्यक्ष डॉ. सतीश पूनिया और डॉ. अरुण चतुर्वेदी ने जयपुर में अपने बूथों पर जाकर वोट डाले। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ ने पाली के सुमेरपुर में मतदान किया।
-
प्रशासनिक अमला: राज्य निर्वाचन आयुक्त डॉ. राजेश्वर सिंह, मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवीन महाजन का परिवार, एसीएस अखिल अरोड़ा और जयपुर पुलिस कमिश्नर सचिन मित्तल ने भी सपरिवार अपने मताधिकार का प्रयोग किया। विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने अजमेर में मतदान करते हुए 'वन स्टेट, वन इलेक्शन' व्यवस्था की सराहना की।
कहीं झड़प, कहीं ईवीएम खराब: दिनभर की प्रमुख हलचल
मतदान के बीच कुछ जगहों से तकनीकी खामियों और छिटपुट घटनाओं की भी खबरें सामने आई हैं:
-
जोधपुर में बवाल: वार्ड संख्या 41 (बी रोड) में भाजपा और निर्दलीय प्रत्याशी के समर्थकों के बीच तीखी झड़प हो गई। मौके पर पहुंची पुलिस ने भारी जाब्ते के साथ स्थिति को काबू में किया।
-
शराब की बड़ी खेप जब्त: मतदान से ठीक पहले आबकारी विभाग और RPF ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए आश्रम एक्सप्रेस ट्रेन में छापेमारी की। यहाँ से 133 बोतल अवैध अंग्रेजी शराब जब्त कर एक आरोपी (मकवाना ईश्वर) को गिरफ्तार किया गया।
-
ईवीएम ने दिया धोखा: हनुमानगढ़ जंक्शन के बालिका उच्च माध्यमिक विद्यालय, श्रीगंगानगर के पदमपुर (वार्ड 11) और टोंक नगर परिषद के वार्ड 49 में ईवीएम मशीनों में खराबी की शिकायतें मिलीं। तकनीकी टीम और सेक्टर मजिस्ट्रेट ने तुरंत मौके पर पहुंचकर मशीनों को बदला, जिसके बाद मतदान सुचारू हो सका।
आयोग की अपील
राज्य निर्वाचन आयोग ने 100 मीटर के दायरे में किसी भी तरह की प्रचार सामग्री पर रोक लगा रखी है। प्रशासन ने सभी मतदाताओं से अपील की है कि वे लोकतंत्र के इस महापर्व में बिना किसी दबाव और भय के अपनी भागीदारी सुनिश्चित करें और अपनी 'शहर की सरकार' चुनें।