राजस्थान में मेडिकल स्टोर्स की राज्यव्यापी हड़ताल

राजस्थान में बुधवार को ऑनलाइन दवा बिक्री और बड़ी कॉरपोरेट कंपनियों द्वारा दी जा रही भारी छूट के विरोध में केमिस्ट एसोसिएशन के आह्वान पर मेडिकल स्टोर्स बंद रहे। प्रदेश के कई जिलों में इसका मिला-जुला असर देखने को मिला, जबकि कुछ जगहों पर हड़ताल पूरी तरह सफल रही।

अजमेर, उदयपुर और भीलवाड़ा में बड़ा असर

अजमेर जिले में करीब 1200 मेडिकल स्टोर्स बंद रहे। केमिस्टों ने प्रदर्शन करते हुए प्रधानमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा और ऑनलाइन दवा बिक्री पर सख्त कार्रवाई की मांग की।

उदयपुर में भी बंद का व्यापक असर देखने को मिला, हालांकि एमबी हॉस्पिटल के सामने एक मेडिकल स्टोर खुला मिलने पर विवाद की स्थिति बन गई। बाद में केमिस्ट एसोसिएशन के सदस्यों ने मौके पर पहुंचकर दुकान बंद करवाई।

भीलवाड़ा में लगभग 1250 मेडिकल स्टोर्स बंद रहे, जिससे करीब 20 करोड़ रुपए के कारोबार पर असर पड़ा। यहां व्यापारियों ने रैली निकालकर कलेक्ट्रेट तक प्रदर्शन किया।

जयपुर में मिला-जुला असर

राजधानी जयपुर में भी हड़ताल का आंशिक असर देखने को मिला। फिल्म कॉलोनी स्थित होलसेल मार्केट में 500 से अधिक दुकानें बंद रहीं, जबकि सवाई मानसिंह अस्पताल के सामने स्थित कई मेडिकल स्टोर खुले रहे।

जोधपुर और अन्य जिलों की स्थिति

जोधपुर में भी अधिकांश मेडिकल स्टोर्स बंद रहे, लेकिन सरकारी अस्पतालों के दवा केंद्र और जन औषधि केंद्र खुले रहे। यहां ऑनलाइन दवाओं की सप्लाई जारी रही।

वहीं सीकर में हड़ताल पूरी तरह बेअसर रही और अधिकांश मेडिकल स्टोर खुले रहे।

केमिस्ट एसोसिएशन की प्रमुख मांगें

केमिस्ट एसोसिएशन ने सरकार से मांग की है कि—

  • अवैध ई-फार्मेसी संचालन पर सख्त कार्रवाई की जाए
  • कॉरपोरेट कंपनियों द्वारा दी जा रही भारी छूट पर रोक लगे
  • जनस्वास्थ्य सुरक्षा के लिए कड़े नियम लागू किए जाएं
  • ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक्स एक्ट के तहत स्पष्ट नीति बनाई जाए

फर्जी पर्चियों और ऑनलाइन बिक्री पर आरोप

एसोसिएशन का आरोप है कि कई डिजिटल प्लेटफॉर्म बिना उचित चिकित्सकीय जांच के दवाइयों की बिक्री कर रहे हैं। फर्जी और एआई जनरेटेड पर्चियों के जरिए एंटीबायोटिक और अन्य नियंत्रित दवाएं बेची जा रही हैं, जो गंभीर स्वास्थ्य खतरा पैदा कर सकती हैं।

प्रशासन और सरकार से हस्तक्षेप की मांग

अजमेर केमिस्ट एसोसिएशन ने मुख्यमंत्री को पत्र भेजकर इस मुद्दे पर हस्तक्षेप की मांग की है। वहीं कई जिलों में प्रधानमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपकर ऑनलाइन दवा बिक्री पर रोक लगाने की अपील की गई है।

मरीजों को हुई परेशानी

हड़ताल के दौरान कई जगह मरीजों को दवाइयों के लिए परेशान होना पड़ा। हालांकि सरकारी अस्पतालों और जन औषधि केंद्रों पर दवा उपलब्ध रही, जिससे कुछ राहत मिली।

आगे आंदोलन की चेतावनी

केमिस्ट संगठनों ने चेतावनी दी है कि यदि सरकार ने जल्द ठोस कदम नहीं उठाए तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।