राजस्थान के धौलपुर जिले के सरमथुरा उपखंड क्षेत्र में स्थित प्रसिद्ध दमोह झरना देखने पहुंचे करीब 100 युवक बरसाती नदी के अचानक आए तेज बहाव में फंस गए। बारिश के चलते पहाड़ों से आए भारी पानी की वजह से नदी उफान पर आ गई, जिससे पर्यटक बीच में ही घिर गए। पुलिस, एसडीआरएफ (SDRF) और स्थानीय ग्रामीणों की तत्परता से 4 घंटे तक चले रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद सभी युवकों को देर रात सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया।
पहाड़ों से पानी आने से अचानक उफान पर आई बरसाती नदी
दमोह झरना जाने वाले मुख्य रास्ते से पहले एक बरसाती नदी गुजरती है, जो सामान्य दिनों में सूखी या बेहद कम पानी वाली रहती है। ऊपरी पहाड़ी क्षेत्रों में हुई तेज बारिश के कारण पानी सिमटकर तेजी से नदी में आ गया, जिससे नदी का जलस्तर अचानक बढ़ गया और बहाव अत्यंत तीव्र हो गया। झरना देखने पहुंचे युवक नदी पार कर दूसरी तरफ थे और वापसी के दौरान बीच में ही फंस गए।
4 घंटे चला संयुक्त रेस्क्यू ऑपरेशन
घटना की जानकारी मिलते ही आसपास के ग्रामीण मौके पर जमा हो गए और तत्काल सरमथुरा थाना पुलिस को सूचना दी गई।
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मौके पर पहुंची पुलिस और एसडीआरएफ की टीम ने स्थानीय ग्रामीणों के साथ मिलकर राहत-बचाव अभियान शुरू किया।
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बहाव तेज होने के कारण जवानों और ग्रामीणों ने भारी रस्सियों और ट्रैक्टरों का सहारा लिया।
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करीब 4 घंटे तक चले अथक प्रयास के बाद देर रात तक फंसे हुए सभी युवकों को एक-एक कर सुरक्षित निकाल लिया गया।
प्रशासन की पर्यटकों से सावधानी बरतने की अपील
हादसे के बाद सरमथुरा थाना अधिकारी ने आमजन और पर्यटकों से अपील जारी की है कि मानसून के दौरान जलभराव वाले क्षेत्रों, प्राकृतिक झरनों और बरसाती नदियों के पास जाने से बचें। मौसम साफ होने तक सुरक्षा की दृष्टि से दमोह झरना व अन्य संवेदनशील प्राकृतिक स्थलों पर न जाने और सतर्क रहने की सलाह दी गई है।