डूंगरपुर (राजस्थान):

डूंगरपुर की आठवीं कक्षा में पढ़ने वाली 13 वर्षीय छात्रा किम भारतीय ने एक ऐसी बारीकी पर ध्यान दिलाया, जिस पर आमतौर पर लोगों की नजर नहीं जाती। किम ने प्रधानमंत्री के विशेष विमान एयर इंडिया वन पर बने राष्ट्रीय प्रतीक (अशोक स्तंभ) के डिजाइन को लेकर प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) को पत्र लिखकर अपना सुझाव भेजा है।

छोटी उम्र में बड़ी समझदारी दिखाई

किम भारतीय ने विमान की तस्वीरों को देखकर गौर किया कि राष्ट्रीय प्रतीक का कुछ हिस्सा सही तरीके से दिखाई नहीं दे रहा है। उनका मानना था कि देश के सबसे महत्वपूर्ण विमान पर लगे राष्ट्रीय चिह्न को इस तरह प्रदर्शित किया जाना चाहिए कि उसकी पहचान और पूरी गरिमा साफ नजर आए।

पीएमओ को लिखा पत्र

किम ने अपनी बात सीधे प्रधानमंत्री कार्यालय तक पहुंचाई। पत्र में उन्होंने विमान पर बने राष्ट्रीय प्रतीक की प्रस्तुति को लेकर सुझाव दिया और इसे अधिक स्पष्ट व पूर्ण रूप से दिखाने की बात कही।

बारीकी पर ध्यान खींचा

किम की इस पहल की चर्चा इसलिए भी हो रही है क्योंकि यह एक सामान्य नागरिक द्वारा उठाया गया ऐसा मुद्दा है, जो डिजाइन, प्रतीक और राष्ट्रीय सम्मान से जुड़ा है। छोटी उम्र में किसी राष्ट्रीय महत्व के विषय पर ध्यान देना लोगों के लिए प्रेरणादायक माना जा रहा है।

छात्रा की सोच की हो रही सराहना

किम के परिवार और स्थानीय लोगों ने उसकी जागरूकता की सराहना की है। लोगों का कहना है कि बच्चों में ऐसी जिज्ञासा और देश से जुड़े विषयों पर सोच विकसित होना सकारात्मक बात है।

राष्ट्रीय प्रतीक का महत्व

भारत का राष्ट्रीय प्रतीक सारनाथ के अशोक स्तंभ के सिंह शीर्ष पर आधारित है। यह देश की पहचान, संप्रभुता और संवैधानिक मूल्यों का प्रतीक माना जाता है। सरकारी भवनों और महत्वपूर्ण स्थानों पर इसके इस्तेमाल के लिए विशेष नियम भी तय हैं।