बाड़मेर। बाड़मेर में मादक पदार्थ (एमडी) फैक्ट्री की सूचना पर कार्रवाई करने पहुंची जिला स्पेशल टीम (DST) को एक घर के अंदर नकली घी बनाने की फैक्ट्री संचालित मिल गई। सूचना के बाद स्वास्थ्य विभाग और पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में मौके से भारी मात्रा में मिलावटी घी, पाम ऑयल, सोयाबीन तेल, रिफाइंड तेल, वनस्पति घी, मिक्सिंग और पैकिंग मशीनें बरामद की गईं। मामले में घी कारोबारी सहित दो लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है।
यह कार्रवाई सदर थाना क्षेत्र में रिंग रोड पर चामुंडा होटल के सामने स्थित एक मकान में रविवार सुबह की गई। डीएसटी को सूचना मिली थी कि यहां मादक पदार्थ तैयार किए जा रहे हैं। टीम ने दबिश दी तो ड्रग्स नहीं मिले, बल्कि घर के अंदर नकली घी बनाने का पूरा सेटअप संचालित मिलता पाया। इसके बाद स्वास्थ्य विभाग की टीम को मौके पर बुलाया गया।
जांच में सामने आया कि फैक्ट्री में दो मशीनों के जरिए घी तैयार किया जा रहा था। आरोपी बाजार से असली घी और डेयरी की क्रीम खरीदकर लाते थे। क्रीम से पहले शुद्ध घी निकाला जाता, फिर उसमें करीब 30 से 35 प्रतिशत पाम ऑयल मिलाया जाता था। घी को असली जैसा दानेदार दिखाने के लिए 3 से 5 प्रतिशत विशेष मिलावटी पदार्थ मिलाया जाता था। तैयार मिश्रण को मशीनों में गर्म कर प्रोसेस किया जाता और इस दौरान निकलने वाली क्रीम को साफ करने के लिए नमक का इस्तेमाल किया जाता था। इसके बाद घी की पैकिंग कर उसे 450 से 650 रुपये प्रति किलो के भाव से बाजार में बेचा जाता था।
पुलिस की शुरुआती जांच में पता चला कि फैक्ट्री करीब 25 दिनों से संचालित थी। यहां लगी सभी मशीनें गुजरात के डीसा और अहमदाबाद से मंगाई गई थीं। मौके से श्री शिव गौरी ब्रांड के घी के कार्टन भी बरामद हुए हैं। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि जिस फर्म के नाम पर जीएसटी नंबर और लाइसेंस मिला है, वह उत्पादन के लिए वैध है या नहीं।
कार्रवाई के दौरान टीम ने करीब 870 किलो तैयार मिलावटी घी, 1660 किलो पाम ऑयल, 360 किलो सोयाबीन तेल, 240 किलो रिफाइंड तेल, 75 किलो खारिया ब्रांड का घी और लगभग 370 किलो श्री हरि वनस्पति बरामद की। स्वास्थ्य विभाग के फूड इंस्पेक्टर राजेश कुमार जागिड़ ने तैयार घी और अन्य कच्चे माल के नमूने लेकर जांच के लिए भेज दिए हैं।
प्रारंभिक जांच में फैक्ट्री का संचालन जितेंद्र जैन और तिलोक नामक दो युवकों द्वारा किए जाने की जानकारी सामने आई है। दोनों से पूछताछ जारी है। कार्रवाई की सूचना मिलने पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक नितेश आर्य भी मौके पर पहुंचे और पूरी फैक्ट्री का निरीक्षण किया।
फिलहाल पुलिस और स्वास्थ्य विभाग पूरे मामले की अलग-अलग जांच कर रहे हैं। खाद्य पदार्थों में मिलावट, लाइसेंस की वैधता, जीएसटी दस्तावेजों और बाजार में सप्लाई किए गए घी के नेटवर्क की भी जांच की जा रही है। यदि जांच में मिलावटी घी की पुष्टि होती है तो आरोपियों के खिलाफ खाद्य सुरक्षा कानून सहित अन्य धाराओं में कार्रवाई की जाएगी।