बाड़मेर। जिले के ग्रामीण थाना क्षेत्र के दरूड़ा गांव में शुक्रवार दोपहर एक दर्दनाक हादसे में दो चचेरे भाइयों की डूबने से मौत हो गई। अवैध खनन से बने पानी से भरे गहरे गड्ढे में पहले एक युवक का पैर फिसल गया। उसे बचाने के लिए उसका चचेरा भाई भी बिना देर किए गड्ढे में कूद गया, लेकिन दोनों गहराई में समा गए। मौके पर मौजूद तीसरे साथी ने शोर मचाकर ग्रामीणों को सूचना दी। इसके बाद सेना, सिविल डिफेंस और पुलिस की टीम ने करीब एक घंटे तक रेस्क्यू अभियान चलाकर दोनों युवकों को बाहर निकाला, लेकिन तब तक उनकी मौत हो चुकी थी।

घटना शुक्रवार दोपहर करीब 12 बजे की है। मृतकों की पहचान देवराम (18) पुत्र किशनाराम और किरताराम (20) पुत्र गणेशकुमार निवासी दरूड़ा गांव के रूप में हुई है। दोनों चचेरे भाई थे और किसान परिवार से ताल्लुक रखते थे।

घर से आधा किलोमीटर दूर हुआ हादसा

मृतक के चाचा सुरताराम ने बताया कि देवराम, किरताराम और गांव का ही एक युवक प्रवीण किसी से मिलने के लिए घर से निकले थे। घर से करीब आधा किलोमीटर दूर स्थित स्टोन क्रेशर के पास पानी से भरे गहरे गड्ढों के पास से गुजरते समय देवराम का पैर फिसल गया और वह गहरे पानी में गिर गया।

देवराम को डूबता देख किरताराम उसे बचाने के लिए तुरंत गड्ढे में कूद पड़ा, लेकिन पानी की अधिक गहराई होने के कारण वह भी बाहर नहीं निकल सका। दोनों को डूबता देख उनके साथ मौजूद प्रवीण ने शोर मचाया और ग्रामीणों तथा परिजनों को सूचना दी।

सेना और सिविल डिफेंस ने चलाया रेस्क्यू अभियान

घटना की सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंच गए। जसाई से सेना को बुलाया गया। सेना के जवान, सिविल डिफेंस की टीम और ग्रामीण थाना पुलिस ने संयुक्त रूप से रेस्क्यू अभियान शुरू किया। करीब एक घंटे की मशक्कत के बाद दोनों युवकों को गहरे गड्ढे से बाहर निकाला गया।

दोनों को तुरंत जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। इसके बाद शवों को जिला अस्पताल की मॉर्च्यूरी में रखवाया गया।

ग्रामीणों ने लगाया अवैध खनन का आरोप

ग्रामीणों का आरोप है कि दरूड़ा गांव के आसपास संचालित 20 से 30 स्टोन क्रेशरों द्वारा लंबे समय से अवैध खनन किया जा रहा है। खनन के कारण 50 से 100 फीट तक गहरे गड्ढे बन गए हैं, जिनमें बारिश का पानी भर जाता है। गांव का रास्ता भी इन गड्ढों के पास से होकर गुजरता है, जिससे आए दिन हादसे की आशंका बनी रहती है।

ग्रामीणों का कहना है कि कई बार प्रशासन को इस संबंध में शिकायत की गई, लेकिन अब तक कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई। उनका आरोप है कि यदि इन गड्ढों को समय रहते भरवाया जाता या सुरक्षा के इंतजाम किए जाते, तो यह हादसा टाला जा सकता था।

पुलिस ने शुरू की जांच

ग्रामीण थाना के एएसआई ज्ञानसिंह ने बताया कि सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंच गई थी। सेना और सिविल डिफेंस की मदद से दोनों युवकों के शव बाहर निकाले गए। शवों को जिला अस्पताल की मॉर्च्यूरी में रखवाया गया है। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और हादसे के कारणों की पड़ताल की जा रही है।

इस दर्दनाक घटना के बाद दरूड़ा गांव में शोक का माहौल है। एक ही परिवार के दो युवकों की मौत से परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। ग्रामीणों ने प्रशासन से अवैध खनन पर सख्त कार्रवाई करने और पानी से भरे खतरनाक गड्ढों को तत्काल भरवाने की मांग की है।