जयपुर। राजधानी जयपुर के तुंगा थाना क्षेत्र में एक 36 वर्षीय विवाहिता द्वारा फंदा लगाकर आत्महत्या करने का मामला सामने आया है। मृतका के परिजनों का आरोप है कि शादी के कई साल बाद भी संतान नहीं होने के कारण ससुराल पक्ष उसे लगातार मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित करता था। मामले में पुलिस ने मृतका के भाई की शिकायत पर पति सहित ससुराल पक्ष के लोगों के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
पुलिस के अनुसार, मृतका की पहचान ममता मीना (36) निवासी द्वारकापुरा, कोटखावदा के रूप में हुई है। उनकी शादी वर्ष 2008 में तुंगा क्षेत्र के दनाऊ कलां निवासी होमगार्ड जवान गोविन्द नारायण से हुई थी। 8 जुलाई की दोपहर ममता ने अपने कमरे में चुन्नी का फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली।
बताया गया कि दोपहर करीब एक बजे जब परिवार के लोग उन्हें कमरे में बुलाने पहुंचे तो वह फंदे से लटकी हुई मिलीं। इसके बाद परिजनों ने शव को नीचे उतारकर बरामदे में रखा और पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही तुंगा थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने एफएसएल टीम की सहायता से घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए। इसके बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए बस्सी स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भेजा गया, जहां मेडिकल बोर्ड से पोस्टमार्टम कराने के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया।
मृतका के भाई सुरेश कुमार ने तुंगा थाने में दर्ज कराई रिपोर्ट में आरोप लगाया है कि शादी के लंबे समय बाद भी संतान नहीं होने के कारण ममता को ससुराल पक्ष लगातार प्रताड़ित करता था। उनका कहना है कि इस वजह से ममता मानसिक रूप से बेहद परेशान रहती थी।
शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि पिछले दो से तीन वर्षों से पति गोविन्द नारायण शराब पीकर आए दिन ममता के साथ मारपीट करता था। भाई का आरोप है कि उनकी बहन की हत्या की गई है और इसे आत्महत्या का रूप देने की कोशिश की जा रही है।
फिलहाल पुलिस ने शिकायत के आधार पर पति सहित ससुराल पक्ष के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने का मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट, एफएसएल जांच और अन्य साक्ष्यों के आधार पर मामले की विस्तृत जांच की जा रही है। जांच पूरी होने के बाद तथ्यों के अनुसार आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।