जयपुर में अभिजीत दीपके को थप्पड़ मारने के मामले में गिरफ्तार किए गए युवकों ने पुलिस कस्टडी के दौरान मीडिया से बातचीत में कई गंभीर बयान दिए हैं। पुलिस ने इस मामले में अर्जुन पंडित, राकेश गुर्जर समेत 3-4 युवकों को हिरासत में लिया है।
कस्टडी में मौजूद अर्जुन पंडित ने दावा किया कि वे किसी पूर्व योजना के तहत नहीं आए थे, बल्कि केवल एक प्रदर्शन देखने गए थे। उन्होंने आरोप लगाया कि कॉकरोच जनता पार्टी के कुछ लोग समाज को जाति और धर्म के आधार पर बांटने की बातें कर रहे थे, जिससे माहौल तनावपूर्ण हो गया।
अर्जुन पंडित ने कहा कि उन्होंने अभिजीत दीपके को प्रदर्शन के दौरान लोगों के कंधों पर देख कर अचानक थप्पड़ मार दिया। उसने अपने बयान में खुद को राष्ट्रवादी विचारधारा का समर्थक बताया और कहा कि “देश को बंटने नहीं देंगे”। इस दौरान उसने अभिजीत दीपके के लिए आपत्तिजनक शब्दों का भी इस्तेमाल किया।
वहीं दूसरे आरोपी राकेश गुर्जर का भी बयान सामने आया है, जिसमें उसने खुद को राष्ट्रवादी बताते हुए कहा कि वह किसी राजनीतिक दल से जुड़ा नहीं है। राकेश ने आरोप लगाया कि कुछ लोग आंदोलन के नाम पर समाज में वैमनस्य फैलाने और धार्मिक ध्रुवीकरण की कोशिश कर रहे थे। उसने नीट पेपर लीक और अन्य मुद्दों का भी जिक्र करते हुए गंभीर आरोप लगाए।
दूसरी ओर, कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके ने कहा कि यह घटना उन्हें उनके आंदोलन से नहीं भटका सकती। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ लोग उनके आंदोलन को कमजोर करने की कोशिश कर रहे हैं, जबकि वे शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग पर अडिग हैं। उन्होंने 20 जून को दिल्ली में बड़े प्रदर्शन का ऐलान करते हुए ‘दिल्ली चलो’ का नारा दिया।
अभिजीत दीपके ने एक अन्य बयान में इस घटना को बेरोजगारी से भी जोड़ते हुए कहा कि देश में बढ़ती बेरोजगारी ऐसी घटनाओं की वजह बन रही है और अगर युवाओं के पास रोजगार होता तो वे इस तरह के कदम नहीं उठाते।