राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड की एलडीसी (लिपिक ग्रेड-द्वितीय) भर्ती परीक्षा में कथित नकल कराने के मामले में प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। परीक्षा के दौरान एक महिला अभ्यर्थी को अनुचित लाभ पहुंचाने के आरोप में परीक्षा केंद्र के प्रधानाध्यापक, शिक्षक, रिलीवर, वीक्षक और संबंधित अभ्यर्थी सहित पांच लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस ने सभी आरोपियों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। अधिकारियों का मानना है कि जांच के दौरान किसी बड़े नकल नेटवर्क का भी खुलासा हो सकता है।
अभ्यर्थियों की शिकायत के बाद हुई जांच
यह मामला रविवार को एलडीसी भर्ती परीक्षा की दूसरी पारी के दौरान सामने आया। स्वामी विवेकानंद मॉडल स्कूल परीक्षा केंद्र पर मौजूद अन्य अभ्यर्थियों ने आरोप लगाया कि केंद्र स्टाफ की मिलीभगत से एक महिला अभ्यर्थी को परीक्षा में अनुचित लाभ पहुंचाया जा रहा है। शिकायत के बाद परीक्षा केंद्र पर हंगामे की स्थिति बन गई।
मामले की गंभीरता को देखते हुए राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड ने जिला कलेक्टर को तत्काल जांच समिति गठित करने के निर्देश दिए। प्रशासनिक समिति ने पूरे मामले की जांच की, जिसमें परीक्षा की शुचिता भंग होने और अनुचित साधनों के इस्तेमाल की पुष्टि हुई।
जांच रिपोर्ट के बाद दर्ज हुई एफआईआर
जांच में आरोप सही पाए जाने के बाद जिला शिक्षा अधिकारी (प्रारंभिक एवं माध्यमिक) महेश बिस्सा ने शहर कोतवाली थाने में नामजद शिकायत दर्ज कराई। शिकायत के आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज कर तुरंत कार्रवाई करते हुए पांचों आरोपियों को हिरासत में ले लिया।
फिलहाल एडिशनल एसपी रेवतदान चारण के नेतृत्व में पुलिस टीम सभी आरोपियों से गहन पूछताछ कर रही है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने में जुटी हैं कि कहीं इस घटना के पीछे कोई संगठित नकल गिरोह तो सक्रिय नहीं था।
इन पांच लोगों के खिलाफ दर्ज हुआ मामला
पुलिस ने एफआईआर में महिला अभ्यर्थी मनु कंवर, परीक्षा केंद्र के प्रधानाध्यापक उम्मेद सिंह, रिलीवर पदम सिंह, अध्यापक जालम सिंह और परीक्षा कक्ष में तैनात वीक्षक भीम सिंह को आरोपी बनाया है। सभी के खिलाफ नामजद मुकदमा दर्ज कर पूछताछ की जा रही है।
सख्त कानूनों के तहत की गई कार्रवाई
पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ राजस्थान सार्वजनिक परीक्षा (भर्ती में अनुचित साधनों की रोकथाम के अध्युपाय) अधिनियम, 2022 की धारा 3/10 के तहत मामला दर्ज किया है। इसके अलावा भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 318(4) और 61(2) भी लगाई गई हैं। इन धाराओं के तहत दोष सिद्ध होने पर आरोपियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।
बड़े नेटवर्क की जांच जारी
पुलिस अधिकारियों के अनुसार फिलहाल सभी पहलुओं की जांच की जा रही है। मोबाइल फोन, परीक्षा से जुड़े दस्तावेज और अन्य साक्ष्यों की भी पड़ताल की जा रही है। यदि जांच में किसी संगठित नकल गिरोह की भूमिका सामने आती है तो मामले में अन्य लोगों पर भी कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि भर्ती परीक्षाओं की पारदर्शिता से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा और दोषियों के खिलाफ कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।