जयपुर के प्रसिद्ध झालाना लेपर्ड सफारी में बुधवार को पर्यटकों ने जंगल का एक बेहद रोमांचक और दुर्लभ नजारा देखा। सफारी के चर्चित लेपर्ड ‘बहादुर’ ने वॉच टावर के पास बने वाटर पॉइंट पर पानी पीने के बाद अचानक पर्यटकों की जिप्सियों की ओर दौड़ लगा दी। कुछ क्षणों के लिए जिप्सियों में सवार 10 से अधिक पर्यटक घबरा गए, लेकिन लेपर्ड का निशाना पर्यटक नहीं, बल्कि एक जिप्सी के नीचे बैठा कुत्ता था।
महज 12 सेकेंड के भीतर बहादुर ने डॉग को गर्दन से दबोच लिया और कुछ दूरी पर ले जाकर उसका शिकार कर लिया। पूरी घटना एक पर्यटक के कैमरे में रिकॉर्ड हो गई।
वाटर पॉइंट से शुरू हुआ शिकार
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, लेपर्ड बहादुर वॉच टावर के पास बने वाटर पॉइंट पर पानी पी रहा था। उसी दौरान वहां तीन टूरिस्ट जिप्सियां खड़ी थीं। अचानक उसकी नजर जिप्सी के नीचे बैठे डॉग पर पड़ी और उसने बिना समय गंवाए हमला कर दिया।
12 सेकेंड में खत्म हुआ शिकार
बहादुर तेजी से जिप्सी के पास पहुंचा, डॉग को गर्दन से दबोचा और कुछ ही सेकेंड में उसे मार दिया। इसके बाद वह कुछ देर तक शिकार के पास बैठा रहा और फिर उसे मुंह में दबाकर जंगल के भीतर ले गया।
पर्यटकों ने कैमरे में कैद किया रोमांचक पल
घटना के दौरान मौजूद पर्यटक रोहित गंगवाल ने बताया कि पूरा घटनाक्रम इतनी तेजी से हुआ कि किसी को संभलने का मौका ही नहीं मिला। सभी पर्यटक इस दुर्लभ शिकार को देखकर रोमांचित रह गए और कई लोगों ने इसे अपने कैमरों में रिकॉर्ड किया।
अवसरवादी शिकारी होता है लेपर्ड
वन्यजीव विशेषज्ञों के अनुसार, लेपर्ड अवसरवादी (Opportunistic) शिकारी होता है। यदि उसे आसपास कोई आसान शिकार दिखाई देता है, तो वह तुरंत हमला कर देता है। यही वजह रही कि बहादुर ने जिप्सी के नीचे बैठे डॉग को अपना शिकार बना लिया।
झालाना में 50 से अधिक लेपर्ड
जयपुर के झालाना, आमागढ़ और नाहरगढ़ क्षेत्र में वर्तमान में करीब 75 लेपर्ड मौजूद हैं। इनमें से 50 से अधिक लेपर्ड केवल झालाना लेपर्ड रिजर्व में रहते हैं, जबकि 20 से अधिक आमागढ़ के जंगलों में हैं।
जयपुर देश का पहला ऐसा शहर माना जाता है, जहां दो लेपर्ड सफारी, एक लॉयन सफारी, एक टाइगर सफारी और एक एलिफेंट सफारी संचालित होती हैं, जिससे यह वन्यजीव पर्यटन का प्रमुख केंद्र बन चुका है।