हिंगोनिया/कुड़ियों का बास। बारिश के मौसम में बढ़ रहे सर्पदंश के खतरे के बीच एक हृदयविदारक घटना सामने आई है। निकटवर्ती कुड़ियों का बास गांव में पांच वर्षीय बालक की सांप के काटने से मौत हो गई। मासूम अक्षत कुमार अपने माता-पिता की इकलौती संतान था। उसकी असमय मौत से परिवार और पूरे गांव में शोक का माहौल है।

जानकारी के अनुसार अक्षत कुमार (5) पुत्र ओमप्रकाश प्रजापत सुबह अपने घर के बाहर लगे नल पर पानी पीने गया था। इसी दौरान वहां घास के बीच छिपे सांप ने उसके पैर में डस लिया। सांप के काटते ही बालक घबरा गया और चिल्लाने लगा। आवाज सुनकर परिजन तुरंत मौके पर पहुंचे और बिना देर किए उसे इलाज के लिए हिंगोनिया के अस्पताल लेकर गए।

अस्पताल में चिकित्सकों ने प्राथमिक उपचार किया, लेकिन बच्चे की हालत गंभीर होने के कारण उसे बेहतर इलाज के लिए जयपुर रेफर कर दिया गया। परिजन उसे जयपुर लेकर जा रहे थे, तभी रास्ते में उसकी तबीयत ज्यादा बिगड़ गई और उसने दम तोड़ दिया।

इकलौते बेटे की मौत से परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़

अक्षत की मौत की खबर मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया। माता मोना देवी और पिता ओमप्रकाश सहित दादा-दादी और अन्य परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। परिवार के लिए यह बड़ा सदमा है, क्योंकि अक्षत उनका एकमात्र बेटा था।

मासूम अक्षत स्थानीय निजी विद्यालय में पढ़ाई करता था। गांव में उसकी पहचान एक हंसमुख बच्चे के रूप में थी। उसकी मौत की खबर फैलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण पीड़ित परिवार के घर पहुंचे और उन्हें ढांढस बंधाया।

गांव में पसरा मातम, ग्रामीणों में चिंता

कुछ समय पहले तक खेलता हुआ दिखाई देने वाला बच्चा अचानक दुनिया से चला गया, इस घटना ने पूरे गांव को झकझोर दिया। बुजुर्गों, महिलाओं और युवाओं सभी में इस हादसे को लेकर दुख और चिंता दिखाई दी।

बारिश के मौसम में बढ़ जाता है सांपों का खतरा

जानकारों के अनुसार बारिश के दिनों में सांप अक्सर अपने बिलों से बाहर निकलकर सूखी जगह, घास, लकड़ी के ढेर या घरों के आसपास छिप जाते हैं। ऐसे में ग्रामीण क्षेत्रों में सर्पदंश की घटनाओं का खतरा बढ़ जाता है।

विशेषज्ञों ने लोगों से अपील की है कि घर के आसपास साफ-सफाई रखें, घास-फूस और झाड़ियों को समय-समय पर हटाते रहें। रात में बाहर जाते समय रोशनी का इस्तेमाल करें और खेत या झाड़ियों वाले इलाकों में सावधानी बरतें।

सांप दिखाई देने पर उसे पकड़ने या नुकसान पहुंचाने की कोशिश नहीं करनी चाहिए, बल्कि तुरंत रेस्क्यू टीम या वन विभाग को सूचना देनी चाहिए। यह घटना एक बार फिर बारिश के मौसम में सतर्कता बरतने की जरूरत को सामने लाती है।